संयुक्त राष्ट्र ने म्यांमार को हथियारों की बिक्री रोके जाने की अपील की है। पिछले वर्ष सैन्य तख्ता पलट और हिंसक घटनाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। राजनीतिक बंदियों की रिहाई और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा रोकने की भी अपील की गयी। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने फरवरी महीने में म्यामां की निर्वाचित सरकार को हटाकर सैन्य शासन बहाल करने की निंदा करने वाला प्रस्ताव मंजूर कर लिया था।
119 देशों ने प्रस्ताव का समर्थन किया, केवल बेलारूस ने इसके खिलाफ वोट दिया। म्यामां को हथियारों की आपूर्ति करने वाले रूस और चीन सहित अन्य 36 देशों ने मतदान में भाग नहीं लिया। भारत ने भी मतदान से खुद को अलग रखा।
म्यामां में सैन्य शासन ने पिछले वर्ष नवम्बर में हुए आम चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए सत्ता पर कब्जा करने को उचित बताया है लेकिन स्वतंत्र चुनाव पर्यवेक्षकों का कहना है कि चुनाव निपष्क्ष रहा और आंग सान सूकी के खिलाफ आरोप राजनीतिक से प्रेरित हैं।