राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय 8 जून से 3 जुलाई 2020 तक ग्रीष्मकालीन कला कार्यक्रम “ऑनलाइन नैमिषा 2020” का आयोजन करेगा

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“ऑनलाइन नैमिषा 2020” कार्यक्रम के तहत चार कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय ने 8 जून से 3 जुलाई 2020 तक ग्रीष्मकालीन कला कार्यक्रम “ऑनलाइन नैमिषा 2020” का आयोजन करने की घोषणा की है। इस महामारी की स्थिति में और लॉकडाउन के दौरान, संग्रहालय और सांस्कृतिक संस्थान हमेशा की तरह आगंतुकों और दर्शकों को सेवा प्रदान नहीं कर सकते हैं। इस स्थिति ने एनजीएमए को अपने दर्शकों तक पहुंचने के लिए नए क्षेत्रों और प्लेटफार्मों का पता लगाने के लिए प्रेरित किया। पिछले दो महीनों में एनजीएमए…

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आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) – वार्षिक रिपोर्ट जुलाई 2018 – जून 2019

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अपेक्षाकृत अधिक नियमित समय अंतराल पर श्रम बल के आंकड़ों की उपलब्धता की अहमियत को ध्‍यान में रखते हुए राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने अप्रैल 2017 में आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) का शुभारंभ किया।  पीएलएफएस के मुख्‍यत: दो उद्देश्य हैं: वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (सीडब्‍ल्‍यूएस) में केवल शहरी क्षेत्रों के लिए तीन माह के अल्‍पकालिक अंतराल पर प्रमुख रोजगार और बेरोजगारी संकेतकों (अर्थात श्रमिक-जनसंख्या अनुपात, श्रम बल भागीदारी दर, बेरोजगारी दर) का अनुमान लगाना।    प्रति वर्ष ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में सामान्य स्थिति (पीएस + एसएस) और सीडब्‍ल्‍यूएस दोनों में रोजगार और बेरोजगारी संकेतकों का अनुमान लगाना। प्रथम वार्षिक…

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माननीय प्रधानमंत्री जी का पत्र

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आज से एक साल पहले भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ा। देश में दशकों बाद पूर्ण बहुमत की किसी सरकार को लगातार दूसरी बार जनता ने ज़िम्मेदारी सौंपी थी। मेरे प्रिय स्नेहीजन, इस अध्याय को रचने में आपकी बहुत बड़ी भूमिका रही है। ऐसे में आज का यह दिन मेरे लिए, अवसर है आपको नमन करने का, भारत और भारतीय लोकतन्त्र के प्रति आपकी इस निष्ठा को प्रणाम करने का। यदि सामान्य स्थिति होती तो मुझे आपके बीच आकर आपके दर्शन का सौभाग्य मिलता। लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना…

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जान और जहान के लिए वन धन: शाहपुर की कतकारी जनजाति की कहानी

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 ‘लॉकडाउन के दौरान भी आनलाइन बिक्री हो रही है, हम डी-मार्ट के साथ गठबंधन करने और गिलोय को दूरदराज के बाजारों में ले जाने की योजना बना रहे हैं’ एक कुशल नेता के नेतृत्व में कुछ समर्पित लड़कों के एक समूह और सरकारी संगठनों से प्राप्त सक्षमकारी सहायता से क्या-क्या हो सकता है? जाहिर है, बहुत कुछ। थाणे में शाहपुर की ‘आदिवासी एकात्मिक सामाजिक संस्था ‘ जो गिलोय और अन्य उत्पादों का विपणन करती है, ने एक बार फिर इसे साबित कर दिया है। गिलोय एक चिकित्सकीय पौधा है, जिसके लिए फार्मास्युटिकल कंपनियों से भारी मांग…

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