डॉ. हर्षवर्धन ने कोविड-19 पर मंत्री समूह (जीओएम) की 17वीं बैठक की अध्यक्षता की

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उन्होंने कोविड-19 की मौजूदा स्थिति और इस पर नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज निर्माण भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कोविड -19 पर उच्च स्तरीय मंत्री समूह (जीओएम) की 17वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर,नागरिक उड्डयन मंत्री श्री हरदीप एस. पुरी और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे भी शामिल हुए। मंत्री समूह (जीओएम) को देश में कोविड​​-19से संक्रमण के मामलों की वर्तमान स्थिति, उपचार के बाद इस बीमारी से ठीक होने…

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आम लोगों और विशेषज्ञों से परामर्श प्राप्त करने के लिए ‘एसटीआईपी 2020 ‘टाउन हॉल मीट’ लॉन्च किया गया

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नई नीति में सभी हितधारकों के बीच बाधारहित आपसी समन्वय होना चाहिए, इसके लिए श्रृंखला की कमजोर कड़ियों, पृथक रूप से काम करने आदि की पहचान करके इन्हें दूर किया जाना चाहिए। भविष्य, सभी प्रौद्योगिकियों के आपसी तालमेल और एकीकरण पर आधारित होगा। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर के. विजय राघवन और डीएसटी के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने 12 जून, 2020 को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार नीति (एसटीआईपी) 2020 के निर्माण के लिए आम लोगों और विशेषज्ञों से परामर्श प्राप्त करने हेतु एसटीआईपी 2020 टाउन हॉल मीट,…

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नए अध्ययन से जीभ के कैंसर के उपचार की नयी तकनीक विकसित करने में मिल सकती है मदद

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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-मद्रास, कैंसर संस्थान, चेन्नई के श्री बालाजी डेंटल कॉलेज अस्पताल तथा बेंगलुरु के भारतीय विज्ञान संस्थान के शोधकर्ताओं की एक टीम ने एक खास किस्म के माइक्रोआरएनए  की पहचान की है जो जीभ का कैंसर होने पर अत्याधिक सक्रिय रूप से दिखाई देता है। वैज्ञानिकों ने इस माइक्रोआरएनए को एमआईआर -155 का नाम दिया है।   यह एक किस्म के छोटे रिबो न्यूक्लिक एसिड हैं।  ये एसिड ऐसे नॉन कोडिंग आरएनए  हैं जो कैंसर को पनपने में मदद करने के साथ ही विभिन्न जैविक और नैदानिक  प्रक्रियाओं के नियंत्रित करने में शामिल रहते…

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एआरसीआई ने कैंसर के इलाज के लिए दुर्लभ धातु आधारित मैग्नेटोकैलोरिक सामग्री का निर्माण किया

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मैग्नेटोकैलोरिक वस्तु ट्यूमर कोशिकाओं को मारने के लिए जरूरी नियंत्रित ऊष्मा उपलब्ध करा सकता है |विकिरण चिकित्सा (रेडिएशन थेरेपी) के साथ इसके इस्तेमाल की विधि से इसका दुष्प्रभाव तो कम होगा ही है, इलाज में समय भी कम लगेगा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त अनुसंधान एवं विकास केंद्र पाउडर धातु शोधन एवं नई सामग्री के लिए अंतरराष्ट्रीय उन्नत अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों ने एक दुर्लभ धातु आधारित मैग्नेटोकैलोरिक सामग्री का निर्माण किया है जिसका कैंसर के इलाज में प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। एआरसीआई द्वारा विकसित…

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