भारत में लगातार तीसरे दिन कोविड-19 के 90,000 से अधि​क रोगी हुए ठीक

covid-19

भारत का राष्ट्रीय रिकवरी दर 80% के पार पहुंच गया है। तेजी से मरीजों के रिकवरी होने के कारण भारत में लगातार तीसरे दिन कोविड-19 के 90,000 से अधिक रोगी ठीक हुए हैं। पिछले 24 घंटों में 93,356 मरीजों को छुट्टी दी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज ‘संडे संवाद’  कार्यक्रम के ज़रिये अपने सोशल मीडिया फॉलोवर्स से बातचीत की और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए। डॉ. हर्षवर्धन से पूछे गए सवालों में न केवल कोविड की वर्तमान स्थिति के बारे में चर्चा हुई, बल्कि इस सम्बन्ध में सरकार के दृष्टिकोण के बारे…

Read More

डीएसटी ने नवाचार, उद्यमिता और इन्क्यूबेशन को समर्थनदेने पर आधारित रिपोर्ट जारी की

DST

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिवप्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने नवाचार, उद्यमिता, और इन्क्यूबेशन में सहयोग देने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी उद्यमिता विकास बोर्ड (एनएसटीईडीबी) की यात्रा पर एक रिपोर्ट, ऑनलाइन कार्यक्रम में जारी की। डीएसटी के सचिव प्रोफेसर शर्मा ने रिपोर्ट लॉन्च करते हुए कहा, “राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी उद्यमिता विकास बोर्ड (एनएसटीईडीबी) के माध्यम से विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने इनक्यूबेटरों के नेटवर्क के जरिये स्टार्टअप पारितंत्र को बढ़ावा देने और पोषण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। परिणाम की दृष्टि से पिछले पांच वर्षों महत्वपूर्ण…

Read More

इन्सपायर फैकल्टी के वैज्ञानिक सूक्ष्म शैवाल से किफायती बायोडीजल उत्पादन की प्रक्रिया को विकसित कर रहे हैं

inspired faculty

जीवाश्म ईंधन का भण्डार निरंतर कम हो रहा है। भारत के विशाल समुद्री वातावरण में रहने वाले शैवाल (एल्गी) की ईंधन क्षमता पर विशेष खोज व शोध नहीं किये गए हैं। समुद्री मूल के सूक्ष्म शैवाल से किफायती बायोडीजल बनाना जल्द ही वास्तविकता बन सकता है। इसके लिए एक वैज्ञानिक धन्यवाद के पात्र हैं, जो बायोडीजल उत्पादन के लिए सूक्ष्म शैवाल में लिपिड संचय को बढ़ाने हेतु जैव-तकनीकी अध्ययन और जरूरी उपकरणों पर काम कर रहे हैं। तेजी से कम हो रहे पेट्रोलियम आधारित ईंधन को देखते हुए,तमिलनाडु में तिरुचिरापल्ली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के…

Read More

एआरसीआई के वैज्ञानिको ने इमली और कपास के अपशिष्ट से सुपरकैपेसिटर इलेक्ट्रोड का निर्माण किया

kapas ke apsist

इससे कम लागत के इलेक्ट्रिक वाहन और हाईब्रिड वाहन बनाने की दिशा में सहायता मिलेगी। ये वाहन अपनी ब्रेकिंग प्रणाली और स्टार्ट-स्टॉप के लिए सुपरकैपेसिटर पर मुख्य रुप से निर्भर हैं। सुपरकैपेसिटर के लिए बड़े स्तर पर सुपरकैपेसिटर पदार्थ की मांग को देखते हुए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत स्वायत्त संस्थान इंटरनेशनल एडवांस रिसर्च सेंटर फॉर पाउडर मेटलर्जी एंड न्यू मेटेरियल (एआरसीआई) ने इमली के बीजो और औद्योगिक कपास अपशिष्ट से किफायती इलेक्ट्रोड सामग्री बनाई है। इससे सस्ते सुपरकैपेसिटर उपकरण बनाए जा सकेंगे। केंद्र के वैज्ञानिकों ने एक्टिवेशन प्रक्रिया द्वारा…

Read More