संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त वोकर तुर्क ने भारत में महिला आरक्षण विधेयक पारित होने का स्वागत किया है। इस विधेयक में देश की संसद और राज्य विधान सभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। इस ऐतिहासिक विधेयक से संसद में महिलाओं को संवैधानिक रूप से प्रतिनिधित्व मिलेगा और यह भारत में महिला-पुरूष समानता तथा महिलाओं की भागीदारी के अधिकार की सुरक्षा करने में प्रर्वतनकारी निर्णय है। यह विधेयक संसद के दोनों सदनों में परित हो गया है। संयुक्त राष्ट्र मानवधिकार आयोग ने सरकार से अनुरोध किया है कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए निर्धारित मौजूदा आरक्षण के साथ-साथ महिला आरक्षण विधेयक को जल्द से जल्द से लागू किया जाए। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त की प्रवक्ता रवीना शमदासानी के अनुसार उनके संगठन ने दुनियाभर के सांसदों से अनुरोध किया है कि देश की राजनीतिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विधायी कदम उठाएं।
Related posts
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को संचालित करने वाली प्रमुख संस्था ICC एक बार फिर चर्चा में है। इसके फैसलों और गतिविधियों पर दुनियाभर के क्रिकेट प्रशंसकों की नजर बनी हुई है।
ICC क्या है? क्रिकेट जगत की सबसे बड़ी संस्था की पूरी जानकारी क्रिकेट की दुनिया में...
कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर अपने बयानों और राजनीतिक गतिविधियों के कारण चर्चा के केंद्र में हैं।
शशि थरूर फिर चर्चा में, बयान और राजनीतिक गतिविधियों पर सबकी नजर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता...
RUHS CUET 2026 के नतीजे घोषित, उम्मीदवार अब स्कोरकार्ड और मेरिट लिस्ट देखकर एडमिशन प्रक्रिया की तैयारी कर सकते हैं।
RUHS CUET 2026 Result जारी, उम्मीदवारों का इंतजार खत्म राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) द्वारा...