स्पेन रविवार को हुए अनिर्णायक राष्ट्रीय चुनावों के बाद राजनीतिक गतिरोध की ओर बढता हुआ प्रतीत होता है। दक्षिणपंथी और वामपंथी दोनों ही पार्टियों को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण एक नई सरकार बनाने की राह कठिन जान पडती है। कंजरवेटिव पॉपुलर पार्टी ने चुनाव में जीत दर्ज की, लेकिन बड़ी जीत करने से चूक गई। इस कारण सोशलिस्ट प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज को पद से हटने के लिए बाध्य होना पडा।
वहीं अलबर्तो नुनेज फिजू की नेतृत्व वाली पार्टी ने अधिकतर चुनाव केन्द्रों पर उम्मीद से कमतर प्रदर्शन किया। सांचेज़ की सोशलिस्ट पार्टी दूसरे स्थान पर रही। उन्होंने और उनकी सहयोगी पार्टियों ने परिणाम को जीत के रूप में मनाया क्योंकि उनके संयुक्त सहयोगी पार्टियों ने पॉपुलर पार्टी (पीपी) और दूर-दराज़ क्षेत्रों की तुलना में थोड़ी अधिक सीटें हासिल कीं। इस ब्लॉक से सांचेज को समर्थन मिलने की संभावना है, जिससे उनकी कुल 172 सीटें हो जायेंगी। फिजू के समर्थन वाले दक्षिण धडे के पास 170 सीटें हैं।
उम्मीद के आस-पास सीटें होने से देश में भविष्य के नेतृत्व को लेकर राजनीतिक अनिश्चितता आने वाले दिनों में बने रहने की संभावना है। अगले प्रधानमंत्री के लिए तभी मतदान किया जाएगा जब नई कांग्रेस ऑफ डेप्युटीज़ में कानून निर्माता स्थापित हो जाएंगे।
98 प्रतिशत मतों की गिनती के साथ पॉपुलर पार्टी 136 सीटें हासिल करने की राह पर है। यहां तक कि 33 सीटें धुर दक्षिणपंथी वोक्स को मिलने वाली हैं और एक सीट सहयोगी पार्टी को मिल सकती हैं। फिर भी पूर्ण बहुमत हासिल करने में पॉपुलर पार्टी की 7 सीटें कम रह जायेंगी।