संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त वोकर तुर्क ने भारत में महिला आरक्षण विधेयक पारित होने का स्वागत किया है। इस विधेयक में देश की संसद और राज्य विधान सभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। इस ऐतिहासिक विधेयक से संसद में महिलाओं को संवैधानिक रूप से प्रतिनिधित्व मिलेगा और यह भारत में महिला-पुरूष समानता तथा महिलाओं की भागीदारी के अधिकार की सुरक्षा करने में प्रर्वतनकारी निर्णय है। यह विधेयक संसद के दोनों सदनों में परित हो गया है। संयुक्त राष्ट्र मानवधिकार आयोग ने सरकार से अनुरोध किया है कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए निर्धारित मौजूदा आरक्षण के साथ-साथ महिला आरक्षण विधेयक को जल्द से जल्द से लागू किया जाए। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त की प्रवक्ता रवीना शमदासानी के अनुसार उनके संगठन ने दुनियाभर के सांसदों से अनुरोध किया है कि देश की राजनीतिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विधायी कदम उठाएं।
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