पैगंबर हज़रत मोहम्मद का जन्म दिवस मिलादुन्नबी आज श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पैगंबर मोहम्मद के जीवन और शिक्षण पर मिलाद महफिल और सीरत का आयोजन होगा। मिलाद जुलूस भी निकाले जाएंगे। दिल्ली में मुख्य जुलूस पारंपरिक मार्गों से होते हुए जामा मस्जिद तक पहुंचेगा। इसे देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं।
पूरे विश्व में मुस्लिम समुदाय के लिए पैगम्बर मोहम्मद के जन्म दिवस मिलादुन्नबी यानी बारावफात का विशेष महत्व है।
पैगंबर मोहम्मद सल्लाह हुअल्हैय वसल्लम के जन्मदिन की सालगिरह के उपलक्ष्य पर ईद-ए-मिलाद-उ-नबी पूरे कश्मीर घाटी में धार्मिक उत्साह के साथ मनाई जा रही है। श्रीनगर के दरगाह हजरतबल में सबसे बड़ी तकरीब के साथ विभिन्न मस्जिदों में रात भर नमाज अदा की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु विशेष प्रार्थना कर रहे हैं और हजरतबल दरगाह पर पैगंबर मुहम्मद सल्लाह हुअल्हैय वसल्लम के पवित्र अवशेष की एक झलक देख रहे हैं। इस तरह की नमाज श्रीनगर के जिनाब साहिब सौरा और अस्सार-कैलाशपोरा और घाटी की अन्य मस्जिदों में भी आयोजित की जा रही है। जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड और संभागीय प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरे कश्मीर घाटी में हजरतबल में और पूरे कश्मीर घाटी में हजरतबल दरगाह के साथ-साथ अन्य धार्मिक स्थलों पर व्यापक बंदोबस्त किए हैं। इस बीच, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के शुभ अवसर पर जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि पैगम्बर ने हमें करुणा, प्रेम और धर्मी जीवन का मार्ग दिखाया है और आशा व्यक्त की है कि उनकी शिक्षाएं हम सब में से प्रत्येक को सद्भाव, एकता में रहने और सभी के लिए शांति, समृद्धि और खुशी लाने के लिए मार्गदर्शन देते रहे। आकाशवाणी समाचार के लिए श्रीनगर से मैं सुनील कौल।