सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने और इस क्षेत्र के लिए आंकड़ा-आधारित नीतिनिर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास निगम की डिजिटल और डेटा इकाई, एनएलडीएस, के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
एनएलडीएस, राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास और कार्यान्वयन ट्रस्ट के मार्गदर्शन और सहयोग के तहत कार्य करता है, जो भारत सरकार की उस संस्थागत व्यवस्था का प्रतिनिधित्व करता है जिसका उद्देश्य लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक अवसंरचना में प्रौद्योगिकी आधारित सुधारों को आगे बढ़ाना है।
यह सहयोग सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय और एनएलडीएस के बीच सुचारु रूप से आंकड़ों के आदान-प्रदान के लिए एक मजबूत डिजिटल ढांचा स्थापित करने का लक्ष्य रखता है, जिसे अनुप्रयोग प्रोग्रामिंग अंतरफलक के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इस पहल से मंत्रालय को वास्तविक समय में लॉजिस्टिक्स से जुड़े आंकड़ों का उपयोग करने में मदद मिलेगी, जिससे बेहतर और सूचित निर्णय लिए जा सकेंगे तथा इस क्षेत्र की आपूर्ति श्रृंखला की समग्र दक्षता में सुधार होगा।
यह साझेदारी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को व्यापक लॉजिस्टिक्स जानकारी उपलब्ध कराकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे अक्षमताओं में कमी आएगी, लागत का बेहतर प्रबंधन संभव होगा और घरेलू तथा वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
इस समझौता ज्ञापन पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास आयुक्त कार्यालय की उप महानिदेशक अनुजा बापट और एनएलडीएस के मुख्य परिचालन अधिकारी अरविंद देवराज ने मंत्रालय और एनएलडीएस के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि लॉजिस्टिक्स से जुड़े डिजिटल आंकड़ों को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम प्रणाली के साथ जोड़ना एक सशक्त और प्रौद्योगिकी-आधारित उद्यम तंत्र के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल भारत सरकार के कारोबार करने में सुगमता बढ़ाने और देश की लॉजिस्टिक्स अवसंरचना को मजबूत करने के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय नवाचार को बढ़ावा देने, दक्षता में सुधार करने और रणनीतिक साझेदारियों तथा डिजिटल रूपांतरण पहलों के माध्यम से उद्यमों को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।