NLDSL और महाराष्ट्र ने राज्य की रसद व्यवस्था को मजबूत करने और विकसित भारत का समर्थन करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

NLDSL और महाराष्ट्र ने राज्य की रसद व्यवस्था को मजबूत करने और विकसित भारत का समर्थन करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

NLDSL and Maharashtra have signed an MoU to strengthen the state logistics infrastructure and support Viksit Bharat

एनआईसीडीसी लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड (NLDSL) और महाराष्ट्र सरकार ने एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म का लाभ उठाकर महाराष्ट्र में लॉजिस्टिक्स परिदृश्य को डिजिटल बनाने के लिए 16 अप्रैल, 2026 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

इस सहयोग से लॉजिस्टिक संचालन को सुव्यवस्थित करने में पारदर्शिता आने, राज्य सरकार के विभागों के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा मिलने और वास्तविक समय के डेटा अंतर्दृष्टि के माध्यम से निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में सहायता मिलने की उम्मीद है।

महाराष्ट्र सरकार के उद्योग निदेशालय द्वारा आयोजित एक संवादात्मक यूएलआईपी कार्यशाला के दौरान इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जिसमें राज्य सरकार के 10 से अधिक विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य यह पहचानना था कि महाराष्ट्र में रसद संबंधी चुनौतियों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और छोटे निर्यातकों के लिए, यूएलआईपी का उपयोग करके पारदर्शिता में कैसे सुधार किया जा सकता है।

इस कार्यशाला में एनएलडीएसएल की प्रमुख डिजिटल पहलों – लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक, कोयला शक्ति – स्मार्ट कोल एनालिटिक्स डैशबोर्ड, ट्रैक योर ट्रांसपोर्ट और ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) का लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जो सभी यूएलआईपी द्वारा संचालित हैं। ये प्लेटफॉर्म दर्शाते हैं कि कैसे वास्तविक समय का डेटा पूरी लॉजिस्टिक्स मूल्य श्रृंखला में ट्रैकिंग, परिचालन दक्षता और निर्णय लेने में सुधार कर सकता है।

इस पहल का नेतृत्व एनआईसीडीसी के सीईओ और एमडी तथा एनएलडीएसएल के अध्यक्ष श्री रजत कुमार सैनी (आईएएस) द्वारा किया जा रहा है। इस समझौता ज्ञापन पर औपचारिक रूप से श्री दीपेंद्र सिंह कुशवाह (आईएएस), विकास आयुक्त (उद्योग), महाराष्ट्र सरकार और श्री तकायुकी कानो, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एनएलडीएसएल द्वारा हस्‍ताक्षर किए गए। इस अवसर पर श्री वैभव वाघमारे (आईएएस), अपर विकास आयुक्त, उद्योग निदेशालय, महाराष्ट्र सरकार भी उपस्थित थे।

इस पहल के तहत एनएलडीएसएल महाराष्ट्र सरकार को एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने में सहयोग देगा, जिससे राज्य के लॉजिस्टिक्स संचालन में अधिक पारदर्शिता आएगी। इस प्लेटफॉर्म से निर्णय लेने में तेजी आने और भारत के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की दक्षता व वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढने की उम्मीद है, जो ‘विकसित भारत’ के विजन का समर्थन करता है।

यूएलआईपी एक एकीकृत डिजिटल गेटवे के रूप में कार्य करता है, जो एपीआई-आधारित एकीकरण के माध्यम से कई सरकारी प्रणालियों से रसद संबंधी डेटा तक निर्बाध पहुंच को सक्षम बनाता है। यह वर्तमान में 11 केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों की 45 प्रणालियों को 137 एपीआई के माध्यम से जोड़ता है, जिसमें 2,000 से अधिक डेटा फ़ील्ड शामिल हैं। इस इकोसिस्टम ने 240 से अधिक नवोन्मेषी अनुप्रयोगों के विकास को गति प्रदान की है, जिससे 300 करोड़ से अधिक एपीआई लेनदेन हुए हैं और ये प्लेटफ़ॉर्म की विश्वसनीयता और मजबूती को दर्शाते हैं।

एनआईसीडीसी स्मार्ट औद्योगिक शहरों और एकीकृत अवसंरचना के विकास के माध्यम से भारत के औद्योगिक परिवर्तन का नेतृत्व कर रहा है। 20 ग्रीनफील्ड औद्योगिक स्मार्ट शहरों की सफलता के बाद एनआईसीडीसी को अब भव्य (भारत औद्योगिक विकास योजना) योजना को लागू करने का दायित्व सौंपा गया है। इस योजना के अंतर्गत 33,660 करोड़ रूपए के परिव्यय के साथ देश भर में 100 निवेश-तैयार, ‘प्लग-एंड-प्ले’ औद्योगिक पार्क विकसित करने की परिकल्पना की गई है। एनआईसीडीसी पीएम एमआईटीआरए मेगा टेक्सटाइल पार्क और इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक (आईआईएलबी) जैसी प्रमुख पहलों को भी लागू कर रहा है।

एनआईसीडीसी लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड (एनएलडीएसएल), एनआईसीडीसी की लॉजिस्टिक्स शाखा है, जो लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक (एलडीबी) और एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूएलआईपी) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 30 दिसंबर, 2015 को स्थापित यह एनआईसीडीसी औद्योगिक विकास ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी) और जापान की एनईसी कॉर्पोरेशन का एक संयुक्त उद्यम है।

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