राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद बांग्लादेश के पचासवें विजय दिवस समारोह में हिस्सा लेने के लिए आज सवेरे ढाका की तीन दिन की यात्रा पर अब से कुछ देर बाद प्रस्थान करेंगे। राष्ट्रपति कोविंद बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद अब्दुल हमीद के निमंत्रण पर इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। दोनों देश 16 दिसम्बर को पाकिस्तान पर विजय उत्सव के रूप मनाते हैं। 1971 में हमारी संयुक्त सेनाओं के समक्ष पाकिस्तान की सेना ने समर्पण किया था, जिसकी परिणति बांग्लादेश की स्वतंत्रता के रूप में हुई थी।
राष्ट्रपति की यात्रा के बारे में कल शाम मीडिया को जानकारी देते हुए विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि राष्ट्रपति कोविंद आज सुबह सावर में राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर जाएंगे, जहां वे 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में शहीद हुए दोनों देशों के सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे।
विदेश सचिव ने बताया कि आज बाद में राष्ट्रपति कोविंद बांग्लादेश के साथ शिष्टमंडल स्तर की बैठक आयोजित करेंगे, जिसमें आपसी हित के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उनकी यात्रा के दौरान बंगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और वहां के विदेश मंत्री ए.के. अब्दुल मोमिन राष्ट्रपति से मिलने जाएंगे। राष्ट्रपति कोविंद कल राष्ट्रीय परेड ग्राउंड में विजय दिवस समारोह में विशेष अतिथि होंगे।
हमारे संवाददाता ने बताया है कि राष्ट्रपति की इस यात्रा से कई महत्वपूर्ण पहलू जुडे हुए हैं, जिनसे भारत और बांग्लादेश की सुदृढ़ भागीदारी का पता चलता है।
कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की यह पहली विदेश यात्रा होगी। साथ ही यह उनकी बांग्लादेश की पहली यात्रा भी है। यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि दोनों देश बांग्लादेश को आजाद कराने के लिए पाकिस्तान पर संयुक्त बलों की जीत के 50वें वर्ष का जश्न मना रहे हैं। दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना की स्वर्ण जयंती भी मना रहे हैं। इस महीने की 6 तारीख को उनके संबंधों को चिन्हित करने के लिए मैत्री दिवस के रूप में मनाया गया। राष्ट्रपति बांग्लादेश की संसद में राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की जन्मशती के समापन समारोह में भी शामिल होंगे। राष्ट्रपति कोविंद विशिष्ट अतिथि के साथ-साथ बांग्लादेश के बिजय दिबोस समारोह को संयुक्त रूप से मनाने के लिए भी आमंत्रित एकमात्र विदेशी गणमान्य व्यक्ति होंगे, जो एक-दूसरे के लिए दोनों देशों की उच्च प्राथमिकता को दर्शाता है।