एमबीबीएस और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए साढ़े सात प्रतिशत सीट आरक्षित करने के तमिलनाडु सरकार के आदेश को मद्रास उच्च न्यायालय ने सही ठहराया है। आदेश के विरुद्ध दायर याचिकाओं की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश मुनीश्वर नाथ भंडारी ने कल यह फैसला सुनाया। फैसले में कहा गया है कि इस आदेश को जारी करते हुए सरकार ने आरक्षण की अधिकतम सीमा का उल्लंघन नहीं किया है। निर्णय में यह भी कहा गया है कि सरकारी स्कूलों के छात्र निजी या सरकारी मदद से चल रहे स्कूलों की तुलना में गरीब और कमजोर वर्ग से आते हैं और ऐसे में आरक्षण की ये व्यवस्था सामाजिक न्याय का लक्ष्य पूरा करने में सहायक है।
मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु में सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए चिकित्सा पाठ्यक्रमों में साढ़े 7 प्रतिशत आरक्षण को बरकरार रखा
