भारत ने पिछले 24 घंटों में 201 नए COVID-19 संक्रमण दर्ज किए।
राज्यों को सतर्क रहने व कोविड- 19 प्रबंधन के लिए सभी तैयारियां रखने की सलाह दी। उस बैठक में राज्यों से पहले से अधिकृत और सक्रिय दृष्टिकोण को जारी रखने का अनुरोध किया गया था। उन्होंने राज्यों से अनुरोध किया कि वे भारतीय सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) नेटवर्क के माध्यम से वेरिएंट को मालूम करने के लिए संक्रमित मामलों के नमूने के पूरे जीनोम सिक्वेंसिंग (अनुक्रमण) के लिए निगरानी प्रणाली को मजबूत करें, जिससे देश में चल रहे नए वेरिएंट, अगर कोई हो तो उसका सही समय पर पता लगाया जा सके। इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधा-आधारित प्रहरी निगरानी, पैन-रेस्पिरेटरी वायरस निगरानी, समुदाय आधारित निगरानी और सीवेज/अपशिष्ट जल निगरानी पर ध्यान केंद्रित किया जाना है। उन्होंने “सामूहिक रूप से प्रणाली को फिर से मजबूत करने और आत्म-संतुष्टि और थकान की भावना को दूर करने की जरूरत” को रेखांकित किया।
डॉ. मांडविया ने कहा कि नए कोविड वेरिएंट के बावजूद ‘परीक्षण-पता लगाना-उपचार-टीकाकरण और कोविड उपयुक्त व्यवहार का अनुपालन’ कोविड प्रबंधन के लिए जांची हुई रणनीति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इससे उचित सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय करने में सुविधा होगी। इसके अलावा राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से भी अनुरोध किया गया कि वे 22 दिसंबर, 2022 को समाप्त सप्ताह तक हर 10 लाख लोगों पर 79 परीक्षणों की मौजूदा परीक्षण दर में तेजी से बढ़ोतरी करें। साथ ही, इन परीक्षणों में आरटी-पीसीआर की हिस्सेदारी बढ़ाने की सलाह दी गई।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को सलाह दी कि वे सभी योग्य लोगों, विशेष रूप से वृद्धजनों व कमजोर प्रतिरक्षा वाले जनसंख्या समूह के टीकाकरण में तेजी लाएं। उन्होंने गलत सूचना के फैलने को लेकर सावधान किया और समयबद्ध तरीके से तथ्यात्मक रूप से सही जानकारी का प्रसार सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने आगामी त्योहारी मौसम को देखते हुए कोविड उपयुक्त व्यवहार के अनुपालन के संबंध में जन जागरूकता अभियानों के महत्व पर जोर दिया। डॉ. मांडविया ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों से सभी बुनियादी ढांचे की तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी व समीक्षा करने और जरूरी दवाओं के पर्याप्त स्टॉक को सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।