फुटबॉल फॉर स्कूल्स (एफ4एस) फेडरेशन इंटरनेशनेल डी फुटबॉल एसोसिएशन (फीफा) द्वारा संचालित एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। देश में इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन हेतु शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग को अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) का सहयोग हासिल है। फीफा द्वारा 2 अक्टूबर, 2023 को ओडिशा के संबलपुर में एफ4एस के एक हिस्से के रूप में एक दो-दिवसीय क्षमता-निर्माण मास्टर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों/केन्द्र-शासित प्रदेशों, केवीएस, एनवीएस और एआईएफएफ के 95 शारीरिक शिक्षा शिक्षकों/प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। ऐसे दो और प्रशिक्षण कार्यक्रम 5-6 अक्टूबर, 2023 को पुणे और बेंगलुरु में आयोजित किए जाएंगे, जहां लगभग 200 (प्रत्येक स्थल पर 100) प्रतिभागी शामिल होंगे। इसके बाद इन शिक्षकों/प्रशिक्षुओं को अगले स्तरों पर क्षमता बढ़ाने के लिए राज्यस्तरीय मास्टर प्रशिक्षकों के रूप में माना जाएगा।
पहला दो-दिवसीय मास्टर प्रशिक्षण आज ओडिशा के संबलपुर में शुरू हुआ। इसमें फीफा के तीन मास्टर प्रशिक्षक, एआईएफएफ के एक प्रतिनिधि, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, केवीएस एवं एनवीएस के दो प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 13 राज्यों, केवीएस, एनवीएस और एआईएफएफ के कुल 95 प्रतिभागी (67 पुरुष और 28 महिलाएं) इस प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं।
30 अक्टूबर, 2022 को शिक्षा मंत्रालय, एआईएफएफ और फीफा के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस उद्देश्य के लिए मंत्रालय द्वारा जवाहर नवोदय विद्यालय को नोडल संगठन का दायित्व सौंपा गया था। इस कार्यक्रम में देशभर के सरकारी स्कूलों को छात्रों, शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों के साथ 11.15 लाख फुटबॉल और उनकी क्षमता निर्माण के माध्यम से सशक्त बनाने का कार्य शामिल है। इन गेंदों को देशभर के विभिन्न स्कूलों में वितरित किया जाएगा।
एफ4एस का लक्ष्य लगभग 700 मिलियन बच्चों की शिक्षा, विकास और सशक्तिकरण में योगदान देना है। इसका उद्देश्य प्रासंगिक अधिकारियों एवं हितधारकों के साथ साझेदारी करते हुए शिक्षा प्रणाली में फुटबॉल से संबंधित गतिविधियों को शामिल करके दुनिया भर में लड़कों एवं लड़कियों, दोनों के लिए फुटबॉल को और अधिक सुलभ बनाना है। भारत में एफ4एस की शुरुआत फीफा द्वारा की जा रही है।