राज्यसभा ने आज अनुसूचित जनजाति आदेश संविधान संशोधन विधेयक 2022 को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही यह विधेयक संसद से पारित हो गया। लोकसभा ने पहले ही इसे मंजूरी दे दी थी।
इस विधेयक के तहत अनुसूचित जनजाति संविधान आदेश 1950 की व्यवस्थाओं में संशोधन कर त्रिपुरा की अनुसूचित जनजातियों की सूची में विशेष समुदाय को शामिल करने का प्रावधान किया गया है। कूकी जनजाति की उपजाति दारलोंग को भी सूची में शामिल किया जा रहा है।
राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए अनुसूचित जनजाति मामलों की राज्यमंत्री रेणुका सिंह सरूता ने कहा कि त्रिपुरा में मुख्य रूप से 19 जनजातियां हैं। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार देश में जनजातियों के विकास के लिए काफी कुछ कर रही है।