तमिलनाडु के वित्त मंत्री पीटीआर पलनीवेल त्यागराजन ने कहा है कि राज्य पर पांच लाख 70 हजार करोड रूपये का कर्जा है। राज्य की वित्तीय स्थिति पर उन्होंने कल चेन्नई में श्वेत पत्र जारी किया। पीटीआर पलनीवेल त्यागराजन ने कहा कि बड़े पैमाने पर राजस्व घाटे और बिजली उत्पादन और वितरण की सरकारी कंपनियों की गलत नीतियों के कारण राज्य इतने बड़े कर्ज में डूबा है।
वित्तमंत्री पलनीवेल त्यागराजन ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी लाने के लिए वित्तीय स्थिति सुधारने के कड़े कदम उठाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार और सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों के कर्जों का ब्याज ही हर रोज करीब 295 करोड़ रुपये बनता है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से स्थानीय निकायों के लिए मिले दो हजार 577 करोड़ रुपये का अनुदान का उपयोग नहीं हो पाया, क्योंकि चुनाव समय से नहीं कराये गये। राज्य के सरकारी परिवहन निगम हर रोज 15 करोड़ रुपये और बिजली बोर्ड 55 करोड़ रुपये के घाटे पर चल रहे हैं। दूसरी ओर विपक्ष के नेता इडापडी पलनीस्वामी का कहना है कि सरकारी कर्जे का मुख्य कारण परिवहन के किरायों और बिजली के दाम में बढोत्तरी नहीं करना है।