तोक्यो से स्वदेश लौटे ओलिम्पिक सितारों के स्वागत को अलग-अलग शीर्षकों औरचित्रों के साथ अखबारों ने सुर्खियों में दिया है। हिन्दुस्तान के शब्द हैं- तोक्यो के जियालो तुम्हारा स्वागत है। राष्ट्रीय सहारा लिखता है- अभिनंदन, ओलिम्पिक के पदक वीरों को सरकार ने सम्मानित किया। जनसत्ता ने बड़ी सुर्खी दी है- देश का परचम लहराकर लौटे पदक विजेता, झलक पाने को लोग बेताब। दैनिक ट्रिब्यून ने लिखा है- हवाई अड्डे पर उमड़े प्रशंसक। हरिभूमि ने नीरज चौपडा के शब्दों को शीर्षक बनाया है- मेरा नहीं पूरे देश का है मेडल।
केन्द्र द्वारा 127वां संविधान संशोधन विधेयक पेश करने को अखबारों ने आज महत्व देते हुए विस्तार से छापा है। हिन्दुस्तान लिखता है- राज्य भी बना सकेंगे ओबीसी सूची। अमर उजाला लिखता है- टूटा तीन सप्ताह का गतिरोध, राज्यों को ओ बी सी कोटे का हक देने पर विपक्ष भी साथ।
रक्षा मंत्रालय के इस बयान पर भी अखबारों की नजर है कि पेगासस बनाने वाली कम्पनी से लेनदेन नहीं।
दैनिक भास्कर ने प्रधानमंत्री के इस बयान को अहमियत दी है कि खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता के लिए 11 हजार करोड़ निवेश होंगे। कृषि निर्यात में भारत का दुनिया के शीर्ष दस देशों में स्थान।
कल प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली परिचर्चा की खबर भी सभी अखबारों की सुर्खियां बनी हैं। राष्ट्रीय सहारा लिखता है- पी एम ने समुद्री सुरक्षा के पांच सिद्धांतों पर बल दिया। लोकसत्य लिखता है- प्रधानमंत्री ने कहा समुद्र हमारी साझा धरोहर। हरिभूमि ने प्रधानमंत्री के इस बयान को अहमियत दी है कि प्राकृतिक आपदाओं से आने वाली चुनौतियां का मिलकर समाधान निकालना होगा और आतंकवादी घटनाओं और समुद्री लुटेरो के लिए इन रास्तों के इस्तेमाल को रोकना होगा।
अमृतसर में दो किलो से ज्यादा आर डी एक्स बरामद होने की खबर पर राष्ट्रीय सहारा लिखता है- पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये आया मौत का सामान। लोकसत्य ने लिखा है- पंजाब को दहलाने का पाकिस्तानी मंसूबा ध्वस्त।
हिन्द महासागर के तेजी से गर्म होने पर वैज्ञानिकों की चेतावनी भी अखबारों की खबर बनी है। नवभारत टाइम्स लिखता है- इंसानी वजहों से तापमान में बढ़ोतरी बीस साल में इतनी बढ़ेगी गर्मी कि जीना मुहाल हो जाएगा। जनसत्ता का शीर्षक है- भारत में बढ़ेंगे लू के थपेड़े, बाढ़ भी डुबायेगी बार बार। ना भागने की जगह मिलेगी, न छिपने की गुंजाइश। दैनिक ट्रिब्यून ने इसे मानवता के लिए इसे खतरे का संकेत बताया।
दैनिक भास्कर लिखता है- देश के 75 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गौरव के क्षणों में सम्मान व्यक्त करते हुए आइये संकल्प लें, बच्चों को समझायें आजादी का महत्व और पूर्ण सम्मान के साथ हर घर फहराये तिरंगा।