केन्द्र सरकार ने 12 राज्यों को बिजली क्षेत्र में सुधार तेज करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन दिया है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि इन राज्यों को बिजली क्षेत्र में सुधार कार्यों के लिए 66 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिलेगी। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, तमिलनाडु, केरल, मणिपुर और आंध्रप्रदेश शामिल हैं। वित्तीय प्रोत्साहन का मुख्य उद्देश्य बिजली क्षेत्र में संचालनगत और आर्थिक सक्षमता में सुधार तथा भुगतान किए जा चुके बिजली उपभोग को बढ़ावा देना है।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि बिजली मंत्रालय की सिफारिशों के आधार पर वर्ष 2021-22 और 2022-23 में बारह राज्य सरकारों को सुधार कार्यों की मंजूरी दी गयी है। पिछले दो वित्तीय वर्ष में इन राज्यों को अतिरिक्त उधारी के जरिए 66 हजार 413 करोड़ रुपये का अपना वित्तीय संसाधन बढ़ाने की भी अनुमति दी गई। वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य सुधारों के लिए अतिरिक्त उधारी की सुविधा स्वतः ले सकते हैं। मंत्रालय ने कहा कि राज्यों को इन सुधार कार्यों के लिए एक लाख 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि प्रोत्साहन के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।
