स्वास्थ्य मंत्रालय की यह चेतावनी कि अगर लॉकडाउन और पाबंदियों का पालन नहीं किया तो ढील वापस ले ली जाएगी, लगभग सभी अखबारों में है। नवभारत टाइम्स की खबर है- भीड़ पर सरकार ने चेताया, नहीं मानें तो फिर बंदिशें। दैनिक जागरण ने पहाड़ों पर लोगों की तस्वीरों को भयावह बताया और दिल्ली के बाजारों में उमड़ रही भीड़ का भी जिक्र किया। जनसत्ता लिखता है- सरकार का कोरोना से बचाव के नियमों के अनुपालन पर जोर। अमर उजाला की सुर्खी है- उत्तर प्रदेश सरकार ने 25 जुलाई से कांवड़ यात्रा को सशर्त हरी झंडी दी लेकिन इसके लिए कोरोना के सभी दिशा निर्देशों को कड़ाई से पालन करना होगा। वहीं उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी है।
केन्द्रीय मंत्रिपरिषद के संभावित विस्तार को सभी अखबारों ने प्रमुखता दी है। राजस्थान पत्रिका का अनुमान है- युवा और नये चेहरों को मिल सकती है कमान। अमर उजाला ने नया सहकारिता मंत्रालय बनाये जाने की जानकारी इसी खबर के साथ दी है।
भारत सरकार द्वारा जारी नये सूचना प्रौद्योगिकी नियमों का पालन नहीं करने की बात ट्वीटर ने कबूली, को हिन्दुस्तान ने प्रमुखता से देते हुए सरकार के हवाले से लिखा है- ट्वीटर का यह रवैया देश की डिजीटल सम्प्रभुता के लिए लाभकारी नहीं है। जनसत्ता ने दिल्ली उच्च न्यायालय के इस निर्देश को दिया है- ट्वीटर बताये कि शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति कब तक।
हिन्दुस्तान ने दूरसंचार विभाग की इस सख्ती को विस्तार से दिया है कि अनचाहे कॉल पर दस हजार रूपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया जा रहा है।
संयुक्त प्रवेश परीक्षा- जे ई ई मेंस के तीसरे चरण की परीक्षाएं 20 जुलाई से 25 जुलाई तक आयोजित किये जाने की जानकारी दैनिक भास्कर सहित लगभग सभी अखबारों में है। पत्र लिखता है – चौथे चरण की परीक्षाएं 27 जुलाई से दो अगस्त के बीच होंगी।
राजस्थान पत्रिका ने पक्षी बचाओ अभियान शीर्षक से लिखा है – महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र में पक्षियों को बचाने के लिए 68 गांवों के बच्चों ने छोड़ दी गुलेल। पत्र आगे लिखता है- इस अभियान की शुरूआत पर्यावरण दिवस से की गई थी।
जनसत्ता ने पंजाब हरियाणा में भूजल स्तर में चिंताजनक गिरावट को विस्तार से देते हुए लिखा है- भारत सिंचाई, घरेलू और औद्योगिकी जरूरतों के लिए दुनियाभर में भूजल का सबसे बड़ा उपयोग करता है।
