प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महान सिने अभिनेता दिलीप कुमार जी के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उनके दिवंगत हो जाने से हमारे सांस्कृतिक संसार को नुकसान पहुंचा है। अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा है, “दिलीप कुमार जी को हमेशा सिने जगत के दिग्गज के रूप में याद किया जायेगा। उन्हें बेमिसाल प्रतिभा मिली थी, जिसने दर्शकों की कई पीढ़ियों को मंत्र-मुग्ध किया। उनके परिवार, मित्रों और असंख्य प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनायें। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।”
जाने माने अभिनेता दिलीप कुमार का लम्बी बीमारी के बाद आज सवेरे मुंबई में निधन हो गया है। वे 98 वर्ष के थे।
दिलीप कुमार ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘ज्वार भाटा’ से की थी। उनकी पहली हिट फ़िल्म “जुगनू” थी। 1949 में फ़िल्म “अंदाज़” में दिलीप कुमार ने पहली बार राजकपूर के साथ काम किया। दीदार और देवदास जैसी फ़िल्मों में गंभीर भूमिकाओं के लिए मशहूर होने के कारण उन्हें ट्रेजडी किंग कहा जाने लगा।
मुग़ले-ए-आज़म में उन्होंने मुग़ल राजकुमार जहाँगीर की भूमिका निभाई। “राम और श्याम” में उनका डबल रोल आज भी लोगों को गुदगुदाने में सफल साबित होता है। 1970, 1980 और 1990 के दशक में उन्होंने कम फ़िल्मों में काम किया। इस समय की उनकी प्रमुख फ़िल्में थीं: क्रांति, विधाता, दुनिया, कर्मा, इज़्ज़तदार और सौदागर। 1998 में बनी फ़िल्म “क़िला” उनकी आखिरी फ़िल्म थी। उन्होंने रमेश सिप्पी की फिल्म शक्ति मे अमिताभ बच्चन के साथ काम किया। इस फिल्म के लिए उन्हे फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार भी मिला। दिलीप कुमार को भारतीय फ़िल्मों में यादगार अभिनय करने के लिए फ़िल्मों का सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार के अलावा पद्म भूषण और पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है।
