केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोविड मरीजों की दैनिक संख्या निरंतर कम हो रही है और संक्रमण से स्वस्थ होने की दर बढ़ रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय में सचिव राजेश भूषण ने आज शाम नई दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सात मई को सबसे अधिक लगभग चार लाख 14 हजार लोगों में संक्रमण के बाद संक्रमित लोगों की दैनिक संख्या निरंतर कम हो रही है। उन्होंने कहा कि अब दैनिक संक्रमित लोगों की संख्या लगभग 90 प्रतिशत कम हो गई है। पिछले 24 घंटे में 42 हजार छह सौ 40 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई।
राजेश भूषण ने बताया कि चार मई तक देश के पांच सौ 31 जिलों में रोज़ाना एक सौ से अधिक लोग संक्रमति हो रहे थे। अब ऐसे जिलों की संख्या घटकर एक सौ 35 रह गई है। उन्होंने कहा कि दस मई तक देश में उपचाराधीन कोविड मरीजों की संख्या 37 लाख थी। उसके बाद यह संख्या निरंतर कम होती रही। अब लगभग 82 प्रतिशत गिरावट के बाद उपचाराधीन मरीजों की संख्या छह लाख 62 हजार रह गई है। राजेश भूषण ने कहा कि संक्रमण से स्वस्थ होने की दर निरंतर बढ़ रही है। तीन मई को स्वस्थ होने की दर 81 दशमलव आठ प्रतिशत थी जो अब बढ़कर 96 दशमलव पांच प्रतिशत पर पहुंच गई है।
कोविड जांच पर निरंतर ध्यान दिया जा रहा है। इस समय रोज़ाना 18 लाख जांच की जा रही है। देश में अब तक 29 करोड़ 16 लाख से अधिक कोविड टीके लगाए गए हैं।
एक प्रश्न के उत्तर में स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि भारत सहित 80 देशों में कोरोना वायरस का डेल्टा वेरिएंट पाया गया है। वायरस के इस रूप को चिंताजनक माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि नौ देशों में डेल्टा प्लस का पता चला है। यह देश हैं-अमरीका, ब्रिटेन, पुर्तगाल, स्वीट्जरलैंड, जापान, पोलैंड, नेपाल, चीन और रूस। भारत में 22 लोगों में डेल्टा प्लस मिला है, इनमें से 16 महाराष्ट्र के रत्नागिरि और जलगांव के हैं जबकि अन्य केरल और मध्य प्रदेश के हैं।
नीति आयोग में स्वास्थ्य मामलों के सदस्य डॉक्टर वी के पॉल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड टीकाकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कल कुल वैक्सीन की लगभग 64 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों जबकि 36 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में लगाई गई। कल जिन्हें कोविड टीके लगाए गए उनमें महिलाएं कम और पुरुष अधिक हैं। डॉक्टर पॉल ने कहा कि सरकार को यह असंतुलन दूर करने के लिए काम करना होगा और अधिक से अधिक महिलाओं को टीके लगवाने के लिए जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सप्ताह में 50 प्रतिशत से अधिक टीके ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए गए जिससे यह स्पष्ट है कि ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण का दायरा बढ़ाना संभव है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सबको टीके लगाना सरकार के लिए पूरी तरह संभव है।
