रक्षा मंत्रालय ने आज भारतीय तटरक्षक बल के लिए दो प्रदूषण नियंत्रण जलपोतों के निर्माण के लिए गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। मंत्रालय ने कहा कि यह निर्माण लगभग 583 करोड़ रुपये की लागत से किया जायेगा। मंत्रालय ने कहा कि यह भारतीय खरीदें – स्वदेशी रूप से विकसित और निर्मित कार्यक्रम के तहत है, जो रक्षा पूंजी खरीद की शीर्ष प्राथमिकता है। इस समझौते से समुद्र में तेल रिसाव जैसी आपदाओं से निपटने में भारतीय तटरक्षक बल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और प्रदूषण से निपटने में मदद मिलेगी।
हेलीकॉप्टर संचालन की क्षमता वाले इन जलपोतों में आधुनिक प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों के अलावा कई उन्नत सुविधाएं होंगी।
ये जलपोत नवंबर 2024 और मई 2025 तक तैयार हो जायेंगे। मंत्रालय ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के उद्देश्यों को पूरा करते हुए यह अनुबंध स्वदेशी जलपोत निर्माण क्षमता को और बढ़ावा देगा और जहाज निर्माण क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में वृद्धि करेगा।