केंद्र सरकार ने अवैध घुसपैठ और अन्य कारणों से हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश Prakash Prabhakar Naolekar करेंगे। समिति में पूर्व आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, पूर्व आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव, अर्थशास्त्री डॉ. शमिका रवि और जनगणना आयुक्त को सदस्य बनाया गया है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से इस समिति के गठन की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि देश में सुनियोजित तरीके से जनसांख्यिकीय बदलाव की कोशिशें हो रही हैं, जिससे सामाजिक और आर्थिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
यह समिति अवैध प्रवासन और अन्य अप्राकृतिक कारणों से देश में हो रहे जनसंख्या बदलावों का विस्तृत अध्ययन करेगी। साथ ही विभिन्न धार्मिक और सामाजिक समुदायों में असामान्य जनसंख्या परिवर्तन का विश्लेषण कर समाधान सुझाएगी।
गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव समिति में सदस्य सचिव की भूमिका निभाएंगे। समिति को अपनी रिपोर्ट एक वर्ष के भीतर सौंपनी होगी, जबकि जरूरत पड़ने पर इसका कार्यकाल छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है।
