राजस्थान में राज्य मानवाधिकार आयोग ने निजी अस्पतालों और नैदानिक केंद्रों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाओं के बुरी तरह प्रभावित होने का संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है। आयोग ने राजस्थान चिकित्सा परिषद और स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव को इस बारे में रिपोर्ट देने को कहा है। आयोग ने डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील भी की है। राज्य सरकार ने एक वक्तव्य में कहा है कि कुछ डॉक्टर हाल में पारित स्वास्थ्य विधेयक के बारे में भ्रम फैला रहे हैं। राज्य में पिछले 12 दिनों से जारी हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। डॉक्टर राजस्थान विधानसभा में पिछले सप्ताह पारित स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक का विरोध कर रहे हैं।
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