जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन, अस्पताल पहुंचने तक बिगड़ चुकी थी हालत

जसपाल राणा

भारतीय खेल जगत को लगा बड़ा झटका

भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज, एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और ओलंपियन निशानेबाजों के मार्गदर्शक रहे जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके अचानक निधन की खबर ने पूरे खेल जगत को स्तब्ध कर दिया है। जसपाल राणा केवल एक सफल खिलाड़ी ही नहीं थे, बल्कि भारतीय शूटिंग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले कोच के रूप में भी उनकी पहचान थी। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई खेल हस्तियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

म्यूनिख से लौटते समय बिगड़ी तबीयत

रिपोर्ट्स के अनुसार जसपाल राणा हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ISSF World Cup से भारतीय दल के साथ लौट रहे थे। वापसी के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। शुरुआत में इसे सामान्य स्वास्थ्य समस्या माना गया, लेकिन स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जांच शुरू की।

तीन दिन पुराना हार्ट अटैक बना मौत की वजह

डॉक्टरों के अनुसार जब जसपाल राणा अस्पताल पहुंचे, तब वह पहले से ही बेहद गंभीर स्थिति में थे। जांच में पता चला कि उन्हें लगभग तीन दिन पहले हार्ट अटैक आया था और जिस धमनी के ब्लॉक होने से हार्ट अटैक हुआ था, वह पूरी तरह बंद हो चुकी थी। लगातार यात्रा करने और समय पर उपचार न मिलने के कारण उनके हृदय को काफी नुकसान पहुंच चुका था।

डॉक्टरों ने किया स्टेंट, फिर भी नहीं बची जान

अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल स्टेंट डालकर ब्लॉक हुई धमनी को खोलने की कोशिश की। इलाज के बाद उनकी स्थिति में कुछ सुधार भी दिखाई दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें जल्द डिस्चार्ज करने की तैयारी चल रही थी, लेकिन इसी दौरान अचानक एक गंभीर कार्डियक जटिलता उत्पन्न हो गई। सोते समय उन्हें “सडन कार्डियक रप्चर” हुआ, जिसके बाद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

भारतीय शूटिंग के सबसे बड़े नामों में थे शामिल

जसपाल राणा भारतीय शूटिंग इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते थे। उन्होंने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए पदक जीते। उनके नाम कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज हैं। खेल में उनके योगदान के लिए उन्हें अर्जुन पुरस्कार, पद्मश्री और द्रोणाचार्य पुरस्कार जैसे सम्मान भी मिले थे।

मनु भाकर समेत कई सितारों के गुरु थे जसपाल राणा

खिलाड़ी के रूप में शानदार करियर के बाद जसपाल राणा ने कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली और भारतीय शूटिंग को नई दिशा दी। उन्होंने युवा प्रतिभाओं को तराशने का काम किया। ओलंपिक पदक विजेता Manu Bhaker सहित कई निशानेबाजों के करियर में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनकी ट्रेनिंग पद्धति और खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने की क्षमता की खेल जगत में काफी सराहना होती थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने जसपाल राणा के निधन को भारतीय खेलों के लिए “गहरी क्षति” बताया। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा ने अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया और कोच के रूप में नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार किया। खेल जगत की कई बड़ी हस्तियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई आखिरी पोस्ट

जसपाल राणा के निधन के बाद उनकी सोशल मीडिया गतिविधियां भी चर्चा में आ गईं। म्यूनिख और स्विट्जरलैंड यात्रा की उनकी हालिया तस्वीरें और पोस्ट वायरल हो गईं। उनके इंस्टाग्राम बायो में लिखे शब्दों को लेकर भी सोशल मीडिया पर भावुक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

भारतीय खेलों के लिए अपूरणीय क्षति

जसपाल राणा का जाना केवल शूटिंग जगत ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उन्होंने खिलाड़ी, कोच और मार्गदर्शक के रूप में जो योगदान दिया, उसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उनके द्वारा तैयार किए गए खिलाड़ी आज भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और यही उनकी सबसे बड़ी विरासत है।

निष्कर्ष

49 वर्ष की उम्र में जसपाल राणा का अचानक निधन पूरे देश को झकझोर गया है। अस्पताल पहुंचने तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी और डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। भारतीय शूटिंग के इस महान खिलाड़ी और कोच की उपलब्धियां हमेशा खेल प्रेमियों को प्रेरित करती रहेंगी।

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