नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत महेशतला (पश्चिम बंगाल) में 35 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विकास के लिए समझौते पर हस्ताक्षर

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी), कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (केएमडीए) और मेसर्स महेशतला वेस्ट वाटर मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (मेसर्स विश्वराज एनवायरमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा गठित की गई एक एसपीवी) के बीच एक त्रिपक्षीय रियायत समझौता पर हस्ताक्षर किया गया, जिसमें महेशतला के लिए हाइब्रिड वार्षिकी पीपीपी मोड पर 35 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विकास के लिए आज हस्ताक्षर किए गए। यह संविदा कुल 273.52 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। एनएमसीजी के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्र और एनएमसीजी के कार्यकारी परियोजनाएं निदेशक अशोक कुमार सिंह इस अवसर पर उपस्थित हुए। इसके साथ ही केएमडीए और रियायात पाने वाले लोग भी उपस्थित हुए।

इस परियोजना का उद्देश्य शहर में मौजूदा सीवरेज समस्याओं और गंगा में व्याप्त सीवेज प्रदूषण को ध्यान में रखकर काम करना है। परियोजना के कार्यान्वयन के बाद महेशतला शहर से गंगा नदी में अशोधित सीवेज का निर्वहन नहीं किया जाएगा, जिससे नदी पर प्रदूषण के भार में कमी आएगी।

महेशतला शहर गंगा नदी के पूर्व तट पर स्थित है। 2011 की जनगणना के अनुसार शहर की आबादी 449,423 है। परियोजना के प्रमुख घटक निम्न प्रकार हैं:

एसटीपी – 35 एमएलडी
पंपिंग स्टेशन– 4
एमपीएस- 35 एमएलडी, 1 नंबर
डायवर्जन संरचनाएं- 6
राइजिंग मेन्स की बिछावट- 5,989
ग्रेविटी सीवर की मरम्मत और पुनर्वास- 1,145 मीटर
ईपीएस- 35 एमएलडी
संचालन और रखरखाव-15 वर्षों के लिए

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