मौजूदा खरीफ विपणन सत्र में लगभग 130.47 लाख किसान एमएसपी मूल्यों पर हुए खरीद कार्यों से लाभान्वित हो चुके

मौजूदा खरीफ विपणन सत्र में लगभग 130.47 लाख किसान एमएसपी मूल्यों पर हुए खरीद कार्यों से लाभान्वित हो चुके

वर्तमान खरीफ 2020-21 सत्र में 05.09.2021 तक 889.62 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का क्रय किया जा चुका है (इसमें खरीफ फसल का 718.09 लाख मीट्रिक टन और रबी फसल का 171.53 लाख मीट्रिक टन शामिल है), जबकि पिछले वर्ष की इसी समान अवधि में 764.39 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था।

मौजूदा खरीफ विपणन सत्र में लगभग 130.47 लाख किसान एमएसपी मूल्यों पर हुए खरीद कार्यों से लाभान्वित हो चुके हैं और उन्हें 1,67,960.77 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। धान की खरीद खरीफ विपणन सत्र 2019-20 में पिछले उच्च स्तर 773.45 लाख मीट्रिक टन को पार करते हुए अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है।

गेहूं की खरीद का कार्य वर्तमान रबी विपणन सत्र 2021-22 के लिए इसकी खरीद वाले राज्यों में पूरा हो चुका है। 18.08.2021 तक 433.44 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी (जो कि अब तक की खरीद का सबसे उच्चतम स्तर है, क्योंकि इसने आरएमएस 2020-21 के पिछले उच्च स्तर 389.93 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद के आंकड़े को पार कर लिया है), जबकि बीते साल की इसी समान अवधि में 389.93 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था।

लगभग 49.20 लाख किसानों को मौजूदा रबी विपणन सत्र में एमएसपी मूल्यों पर हुए खरीद कार्यों का लाभ मिला है और उन्हें 85603.57 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

फसल वर्ष 2020-21 के लिए जिसमें खरीफ 2020-21 और रबी 2021 तथा ग्रीष्म सत्र 2021 शामिल हैं, दिनांक 05.09.2021 तक सरकार द्वारा अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 11,99,713.15 मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद एमएसपी मूल्यों पर की गई है। इस खरीद से तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, हरियाणा, ओडिशा और राजस्थान के 7,02,368 किसानों को 6,742.51 करोड़ रुपये की आय हुई है।

खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 2021-22 की फसल की आवक जल्द ही होने की उम्मीद है। कर्नाटक राज्य से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर केएमएस 2021-22 के दौरान मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत 40,000 मीट्रिक टन दालों की खरीद के लिए मंजूरी प्रदान की गई थी। यदि अधिसूचित फ़सल अवधि के दौरान संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बाजार की दरें एमएसपी से नीचे चली जाती हैं, तो राज्य की नामित ख़रीद एजेंसियों के माध्यम से केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत दलहन, तिलहन और खोपरा फसल की खरीद के प्रस्तावों की प्राप्ति पर भी मंजूरी दी जाएगी, ताकि पंजीकृत किसानों से वर्ष 2021-22 के लिए अधिसूचित किये गए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सीधे इन फसलों के एफएक्यू ग्रेड की खरीद की जा सके।

विपणन सत्र 2021-22 के लिए तमिलनाडु से 51000 मीट्रिक टन खोपरा खरीदने की मंजूरी दी जा चुकी है और 05.09.2021 तक तमिलनाडु में 36 किसानों को लाभान्वित करते हुए 0.09 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्य वाले 8.30 मीट्रिक टन खोपरा की खरीद की गई है।

दलहन और तिलहन फसलों की केएमएस 2021-22 की आवक के आधार पर संबंधित राज्यों द्वारा तय की गई तारीख से खरीद शुरू करने के लिए संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें आवश्यक व्यवस्था कर रही हैं।

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