भारत सरकार के डाक विभाग और बिहार सरकार के बागवानी विभाग ने लोगों के दरवाजों तक ‘शाही लीची’ और ‘जर्दालु आम’ की आपूर्ति करने के लिए हाथ मिलाया है। बिहार पोस्टल सर्किल ने बिहार सरकार के बागवानी विभाग के साथ मुजफ्फरपुर से शाही लीची और भागलपुर से जर्दालु आम की लॉजिस्टिक्स करने तथा इसकी लोगों के दरवाजों तक प्रदायगी करने के लिए एक करार किया है। कोरोना वायरस को सीमित करने के लिए लॉकडाउन के कारण लीची और आम के उत्पादकों को फलों को बेचने के लिए बाजार तक ले जाने/परिवहन की परेशानियों का…
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‘विश्व कछुआ दिवस’ के अवसर पर, जल शक्ति मंत्री ने जलीय जानवरों को बचाने का आह्वान किया
“जैव विविधता भारतीय संस्कृति का एक अनिवार्य हिस्सा है”: श्री गजेंद्र सिंह शेखावतकल ‘अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस’ मनाया गया राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) के साथ मिलकर, जैव विविधता संरक्षण पहल फेज II में इसका परियोजना साझेदार, आज ‘विश्व कछुआ दिवस’ के अवसर को एक वेबिनार के माध्यम से मनाया, जिसमें व्यापक रूप से हिस्सेदारी की गई। एनएमसीजी के महानिदेशक, राजीव रंजन मिश्रा, डब्ल्यूआईआई के निदेशक, डॉ धनंजय मोहन, एनएमसीजी के स्कूली बच्चे और डब्ल्यूआईआई टीम के सदस्यगण और गंगा वाले पांच राज्यो के गंगा प्रहरी और गंगा प्रहरियों के संरक्षकों ने इस ऑनलाइन कार्यक्रम…
Read Moreपिछले साल से ज्यादा क्षेत्रों में हुई ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई, लॉकडाउन के बावजूद खरीद में भी वृद्धि
चावल: पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 25.29 लाख हेक्टेयर की तुलना में इस बार ग्रीष्मकालीन चावल के अंतर्गत लगभग 34.87 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवर किया गया। दलहन : पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 9.67 लाख हेक्टेयर की तुलना में दलहन के अंतर्गत इस बार लगभग 12.82 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवर किया गया। मोटा अनाज : पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 7.30 लाख हेक्टेयर की तुलना में मोटे अनाज के अंतर्गत इस बार लगभग 10.28 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवर किया गया। तिलहन : पिछले वर्ष की इसी अवधि के…
Read Moreगेहूं में वैकल्पिक बौना जीन चावल की फसल के अवशेषों को जलाने की समस्या दूर कर सकता है
भारत में किसानों द्वारा सालाना बचे हुए चावल के लगभग 23 मिलियन टन अवशेषों को जला दिया जाता है जिससे कि उन्हें पुआल से छुटकारा मिले और अगली फसल जोकि गेहूं होती है, उसे बोने के लिए वे अपने खेतों को तैयार कर सकें। इसके परिणामस्वरूप वायु प्रदूषण पैदा होता है। इसके परिणामस्वरूप वायु प्रदूषण पैदा होता है। इसके अतिरिक्त, शुष्क वातावरण लघु कोलियोपटाइल के साथ गेहूं की किस्मों के अंकुरण के लिए एक चुनौती भी पैदा करता है। इन समस्याओं को दूर करने के लिए विभाग एवं प्रौद्योगिकी विभाग…
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