‘लॉकडाउन के दौरान भी आनलाइन बिक्री हो रही है, हम डी-मार्ट के साथ गठबंधन करने और गिलोय को दूरदराज के बाजारों में ले जाने की योजना बना रहे हैं’ एक कुशल नेता के नेतृत्व में कुछ समर्पित लड़कों के एक समूह और सरकारी संगठनों से प्राप्त सक्षमकारी सहायता से क्या-क्या हो सकता है? जाहिर है, बहुत कुछ। थाणे में शाहपुर की ‘आदिवासी एकात्मिक सामाजिक संस्था ‘ जो गिलोय और अन्य उत्पादों का विपणन करती है, ने एक बार फिर इसे साबित कर दिया है। गिलोय एक चिकित्सकीय पौधा है, जिसके लिए फार्मास्युटिकल कंपनियों से भारी मांग…
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लगभग 5 महीनों के बाद दस्तकारों-शिल्पकारों का “सशक्तिकरण एक्सचेंज”, “हुनर हाट” सितम्बर 2020 से पुनः शुरू
पहले से ज्यादा दस्तकारों की भागीदारी के साथ पुनः शुरू “हुनर हाट” का थीम “लोकल से ग्लोबल” “देश के दूर-दराज के क्षेत्रों के दस्तकारों, शिल्पकारों, कारीगरों, हुनर के उस्तादों को मौका-मार्किट देने वाला “हुनर हाट” स्वदेशी हस्तनिर्मित उत्पादनों का “प्रामाणिक ब्रांड” बन गया है” : मुख्तार अब्बास नकवी “जान भी जहान भी” पवेलियन होगा जहाँ लोगो को “पैनिक नहीं प्रीकॉशन” की थीम पर जागरूकता पैदा करने वाली जानकारी भी दी जायेगी” : मुख्तार अब्बास नकवी “हुनर हाट” में सोशल डिस्टेंसिंग, साफ-सफाई, सैनिटाईज़ेशन, मास्क आदि की विशेष व्यवस्था की जाएगी” कोरोना की चुनौतियों के चलते लगभग 5 महीनों के बाद दस्तकारों-शिल्पकारों का “सशक्तिकरण एक्सचेंज”,…
Read Moreकानून मंत्री ने अटॉर्नी जनरल, सॉलीसिटर जनरल और सरकार के सभी विधि अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की
आइए लॉकडाउन को न्याय दिलाने में डिजिटल प्रणाली को और मजबूत बनाने के अवसर के रूप में लें: श्री रविशंकर प्रसाद केन्द्रीय विधि और न्याय मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने भारत के अटॉर्नी जनरल की अध्यक्षता में विधि अधिकारियों के एक दल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आज बातचीत की। भारत के अटॉर्नी जनरल,श्री के. के. वेणुगोपाल,सॉलीसिटर जनरल श्री तुषार मेहता, सभी अतिरिक्त सॉलीसिटर जनरल और सहायक सॉलीसिटर जनरल, विधि मामलों के विभाग में सचिव और न्याय विभाग के सचिव ने इस बैठक में भाग लिया। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने…
Read More2019-20 में खादी एवं ग्रामोद्योग का कारोबार लगभग 90,000 करोड़ रुपये के आसपास पहुंचा
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले पांच वर्षों में, भारत में ‘ब्रांड खादी’ की स्वीकार्यता व्यापक रूप से देखने को मिली है। जबकि खादी का उत्पादन, दीर्घकालिक विकास के लिए सबसे अनुकूल पर्यावरण उत्पाद, पिछले पांच वर्षों में दोगुने से भी ज्यादा हो चुका है, यानी 2015-16 के बाद से; इसी अवधि के दौरान खादी की बिक्री में लगभग तीन गुनी बढ़ोत्तरी देखी गई है। इसी प्रकार, ग्रामोद्योग (वीआई) क्षेत्र के उत्पादन और बिक्री में भी पिछले पांच वर्षों में लगभग 100% की अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी देखी गई है। पिछले एक वर्ष में खादी के…
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