BIS ने मानकीकरण और अनुरूपता मूल्यांकन में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए 35 संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

BIS ने मानकीकरण और अनुरूपता मूल्यांकन में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए 35 संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारत के राष्ट्रीय मानक निकाय, भारतीय मानक ब्यूरो ने मानकीकरण और अनुरूपता मूल्यांकन में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए देश भर के 35 प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इन संस्थानों में देश भर के विभिन्न राज्यों के कुछ प्रमुख एनआईटी, सरकारी और निजी इंजीनियरिंग कॉलेज शामिल थे।

यह समझौता ज्ञापन (एमओयू) साझेदार संस्थानों के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्यूरो की तकनीकी समितियों के साथ जुड़कर, प्रासंगिक अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं के लिए बुनियादी ढांचे का समर्थन प्राप्त करके, मानकीकरण और अनुरूपता मूल्यांकन पर संयुक्त रूप से कार्यक्रमों का आयोजन, प्रकाशनों का आदान-प्रदान, शिक्षाविदों में मानकीकरण पाठ्यक्रम की शुरुआत, मानकीकरण, परीक्षण और अनुरूपता मूल्यांकन के लिए उत्कृष्टता केंद्र की खोज, प्रयोगशाला सुविधाओं को साझा करना तथा मानकीकरण गतिविधियों में भाग लेने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

कार्यक्रम के दौरान, बीआईएस के महानिदेशक प्रमोद कुमार तिवारी ने इस बात पर बल दिया कि इन प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ यह समझौता ज्ञापन, मानक निर्माण कार्यों को मजबूत और समृद्ध करेगा। कार्यक्रम की रूपरेखा और भविष्य पर विस्तृत जानकारी देते हुए, बीआईएस के उप महानिदेशक चंदन बहल ने स्पष्ट रूप से बताया कि कैसे यह साझेदारी विकसित होते हुए आगे बढ़ेगी।

बीआईएस भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत एक वैधानिक निकाय है। यह उद्योग के लाभ के लिए और बदले में उपभोक्ता संरक्षण के उद्देश्य से उत्पाद प्रमाणन (आईएसआई मार्क), प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन, सोने और चांदी के आभूषणों/कलाकृतियों और प्रयोगशाला सेवाओं की हॉल मार्किंग जैसी विभिन्न योजनाओं का संचालन करता है।

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