Supreme Court of India आज निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाएगा। ये याचिकाएं बिहार में पिछले वर्ष जून में शुरू की गई SIR प्रक्रिया के खिलाफ दायर की गई थीं।
मुख्य न्यायाधीश Surya Kant और न्यायमूर्ति Joymalya Bagchi की पीठ ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि SIR प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 326 और जन प्रतिनिधित्व कानून 1950 के तहत निर्वाचन आयोग को प्राप्त अधिकारों के दायरे से बाहर है। उनका कहना था कि इससे बड़ी संख्या में गरीब और विस्थापित मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित हो सकते हैं।
सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रभावित मतदाताओं के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कठिनाइयों को कम करने के उद्देश्य से अंतरिम निर्देश भी जारी किए थे।
