आशूरा-ए-मुहर्रम आज पूरे देश में धार्मिक आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन पैगम्बर मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों के बलिदान दिवस को चिह्नित करता है, जिन्होंने कर्बला में सत्य, धर्म और न्याय को कायम रखने के लिए अपना बलिदान दिया। आज के दिन ताजिया जुलूस निकाला जाता है। कर्बला के बलिदानियों के सर्वोच्च बलिदान की याद में मजलिस या धार्मिक बैठक भी आयोजित की जा रही है।
देश में धार्मिक आस्था और श्रद्धा के साथ आशूरा-ए-मुहर्रम मनाया जा रहा है
