हिमाचल प्रदेश में चुनाव प्रचार आज शाम पांच बजे समाप्त हो गया। शनिवार को वोट डाले जाएंगे और नतीजों की घोषणा 8 दिसंबर को की जाएगी। 24 महिलाओं सहित कुल 412 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें अनुसूचित जाति की 17 और अनुसूचित जनजाति की तीन सीटे शामिल हैं। इस बीच पोलिंग पार्टियों की रवानगी शुरू हो गई है। हिमाचल प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग के अनुसार राज्य में 157 ऐसे पोलिंग केंद्र बनाए गए हैं, जहां मतदान अधिकारी, कर्मचारी और सुरक्षा कर्मी महिलाएं ही होंगी।
सभी राजनीतिक दलों के नेता चुनावी रैलियों और घर-घर जाकर प्रचार करने में व्यस्त हैं। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला है। राज्य की महत्वपूर्ण मानी जाने वाली सिराज सीट से भाजपा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को अपना उम्मीदवार बनाया है तो कांग्रेस ने चेतराम ठाकुर को टिकट दिया है। इसके अलावा दिग्गज नेता दिवंगत वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह एक बार फिर शिमला ग्रामीण सीट से मैदान में हैं। उनके खिलाफ भाजपा ने रवि मेहता को उतारा है। प्रदेश की राजनीति में बड़ा कद रखने वाले कांग्रेस नेता कौल सिंह ठाकुर को मंडी जिले की दरंग सीट से पार्टी ने फिर प्रत्याशी बनाया है।
मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने सभी सीटों पर, जबकि आम आदमी पार्टी ने 67, बहुजन समाज पार्टी ने 53, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने 11, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने एक सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। 97 निर्दलीय मैदान में हैं और अन्य 46 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।
सबसे अधिक उम्मीदवार वाले निर्वाचन क्षेत्र है-चम्बा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, हमीरपुर, सोलन, शिमला, उना, बिलासपुर और सिरमौर तथा सबसे कम उम्मीदवारों वाले निर्वाचन क्षेत्रों में लाहौल-स्पीति और किन्नौर शामिल हैं।
राज्य में कुल 55 लाख 74 हजार 793 मतदाता हैं। इनमें 28 लाख 54 हजार नौ सौ 45 पुरुष, 27 लाख 37 हजार 845 महिला तथा 38 ट्रांसजेंडर हैं। सर्विस वोटर 67 हजार पांच सौ 59 हैं। दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 56 हजार पांच सौ एक है। 80 वर्ष से अधिक आयु वाले एक लाख 20 हजार 273 मतदाता भी इस बार अपने मत का इस्तेमाल कर सकेंगे। राज्य में एक लाख 93 हजार 106 युवा मतदाता पहली बार मतदान करेंगे।
निर्वाचन आयोग ने मतदान के सुचारू संचालन के लिए राज्य में सात हजार आठ सौ 81 मतदान केन्द्र बनाए हैं। कांगड़ा में सबसे अधिक एक हजार छह सौ 25 जबकि लाहौल-स्पीति में सबसे कम 92 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं।