विश्व बैंक प्रमुख अजय बंगा ने कहा है कि चाइना प्लस वन विकल्प का लाभ उठाकर भारत के पास विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण अवसर है, लेकिन यह एक छोटी अवधि के लिए ही उपलब्ध है। चाइना प्लस वन जोखिम कम करने और आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने के लिए किसी एक देश पर निर्भर न रहकर अन्य देशों में भी निवेश करने की रणनीति है। अजय बंगा ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि यह अवसर केवल तीन से पांच वर्ष तक उपलब्ध रहेगा जब आपूर्ति श्रृंखला अन्य स्थलों से जुडेगी। उन्होंने कहा कि विनिर्माण और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उच्च कौशल वाले अवसरों सहित डेढ से दो करोड रोजगार अवसर सृजित किया जाना जरूरी है। विश्व बैंक प्रमुख ने कहा कि यदि वैश्विक मंदी होती है तो भारत के पास घरेलू उपभोग के कारण सकल घरेलू उत्पाद का एक बडा हिस्सा होगा जो मंदी के दौरान काफी मददगार साबित होगा।
Related posts
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को संचालित करने वाली प्रमुख संस्था ICC एक बार फिर चर्चा में है। इसके फैसलों और गतिविधियों पर दुनियाभर के क्रिकेट प्रशंसकों की नजर बनी हुई है।
ICC क्या है? क्रिकेट जगत की सबसे बड़ी संस्था की पूरी जानकारी क्रिकेट की दुनिया में...
कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर अपने बयानों और राजनीतिक गतिविधियों के कारण चर्चा के केंद्र में हैं।
शशि थरूर फिर चर्चा में, बयान और राजनीतिक गतिविधियों पर सबकी नजर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता...
RUHS CUET 2026 के नतीजे घोषित, उम्मीदवार अब स्कोरकार्ड और मेरिट लिस्ट देखकर एडमिशन प्रक्रिया की तैयारी कर सकते हैं।
RUHS CUET 2026 Result जारी, उम्मीदवारों का इंतजार खत्म राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) द्वारा...