विश्व बैंक प्रमुख अजय बंगा ने कहा है कि चाइना प्लस वन विकल्प का लाभ उठाकर भारत के पास विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण अवसर है, लेकिन यह एक छोटी अवधि के लिए ही उपलब्ध है। चाइना प्लस वन जोखिम कम करने और आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने के लिए किसी एक देश पर निर्भर न रहकर अन्य देशों में भी निवेश करने की रणनीति है। अजय बंगा ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि यह अवसर केवल तीन से पांच वर्ष तक उपलब्ध रहेगा जब आपूर्ति श्रृंखला अन्य स्थलों से जुडेगी। उन्होंने कहा कि विनिर्माण और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उच्च कौशल वाले अवसरों सहित डेढ से दो करोड रोजगार अवसर सृजित किया जाना जरूरी है। विश्व बैंक प्रमुख ने कहा कि यदि वैश्विक मंदी होती है तो भारत के पास घरेलू उपभोग के कारण सकल घरेलू उत्पाद का एक बडा हिस्सा होगा जो मंदी के दौरान काफी मददगार साबित होगा।
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