केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत की वित्तीय बाजार व्यवस्था प्रौद्योगिकी तथा व्यापार के मूल्य और परिमाण में विश्व में सर्वोत्तम है। वित्त मंत्री ने आज मुंबई में ए एम सी रेपो क्लियरिंग लिमिटेड और कॉर्पोरेट ऋण बाजार विकास कोष का शुभारंभ किया।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस क्षेत्र में पिछले दस वर्ष में महत्वपूर्ण विकास हुआ है। दस वर्ष पहले भारत का बाजार पूंजीकरण केवल 74 लाख करोड रूपए था। लेकिन इसके बाद प्रत्येक पांच वर्ष में यह लगभग दोगुना हुआ है और अब तीन सौ लाख करोड़ रूपए तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि 2013 में एमएससीआई उभरते बाजार सूचकांक में भारत का हिस्सा केवल छह दशमलव तीन प्रतिशत था और आज यह बढकर 14 दशमलव छह प्रतिशत हो गया है।
उन्होंने कहा कि खुदरा डीमेट खाताधारकों की संख्या 2013 के दो करोड से बढकर आज साढे 11 करोड से भी अधिक हो गई है। वित्तमंत्री ने कहा कि दस वर्ष पहले म्यूचुअल फंड उद्योग केवल आठ लाख करोड़ रूपए मूल्य की परिसंपत्ति का प्रबंधन करता था जबकि अब यह 18 प्रतिशत से अधिक की वार्षिक वृद्धि के साथ 44 लाख करोड रूपए तक पहुंच चुका है।
एएमसी रेपो क्लियरिंग लिमिटेड भारत में कॉर्पोरेट बॉंड रेपो बाजार के विस्तार में सहायक होगा।