राज्यसभा में आज केन्द्रीय वस्तु और सेवा कर संशोधन विधेयक-2023 को चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया गया। विधेयक में केन्द्रीय वस्तु और सेवा कर-सीजीएसटी विधेयक-2017 के प्रावधानों में संशोधन करना है। इससे केंद्र सरकार को अपीलीय अधिकरण की स्थापना का अधिकार मिल जाएगा।
संशोधन विधेयक पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केन्द्रीय वस्तु और सेवा कर विधेयक-2017 के दो अनुच्छेदों को समाप्त करने के मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश के बाद यह विधेयक पेश किया गया है। वर्ष 2019 में जीएसटी अपील अधिकरण अधिसूचित किये गये थे। वित्त मंत्री का कहना था कि अधिकारी के सदस्यों की नियम और सेवा शर्तों के मानकीकरण का कार्य जारी है।
बीजू जनता दल – बीजेडी सांसद डॉ.अमर पटनायक ने सदन में बहस की शुरूआत की। इस अधिकरण में अध्यक्ष, एक न्यायिक सदस्य और दो तकनीकी सदस्य होंगे। विधेयक में अधिकरण के अध्यक्ष की आयु सीमा 67 से 70 वर्ष और सदस्यों की आयु सीमा 65 से 67 वर्ष करने का प्रावधान है। विधेयक में अधिवक्तओं के न्यायिक सदस्य नियुक्त करने के लिए कम से कम दस वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य किया गया है।