भारतीय वायु सेना (IAF) और फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष बल (FASF) के बीच जारी युद्धाभ्यास गरुड़ VII में भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी और एफएएसएफ प्रमुख जनरल स्टीफ़न मिल द्वारा आज संयुक्त उड़ान भरी गई। भारतीय वायुसेना प्रमुख ने जहां आईएएफ के राफेल फाइटर एयरक्राफ्ट में उड़ान भरी, वहीं एफएएसएफ प्रमुख ने भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। दोनों ने संयुक्त प्रशिक्षण मिशन के अंतर्गत इस अभ्यास में भाग लिया, जिसका आयोजन वायुसेना स्टेशन जोधपुर से किया गया था।
बाद में एफएएसएफ प्रमुख के साथ मीडिया से बात करते हुए वायुसेना प्रमुख (सीएएस) ने बताया कि युद्धाभ्यास गरुड़ दोनों वायु सेनाओं को सैन्य अभियानों के दौरान एक-दूसरे की सर्वोत्तम प्रथाओं को सीखने और आत्मसात करने का अनूठा अवसर प्रदान करता है। उन्होंने दोनों वायु सेनाओं के बीच बढ़ती अंतःक्रियाशीलता पर भी प्रकाश डाला, जो अभ्यास के प्रत्येक संस्करण के साथ आगे बढ़ रही है। यह अभ्यास 2003 से एक नियमित द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
युद्धाभ्यास गरुड़ VII एलसीए तेजस और हाल ही में शामिल एलसीएच प्रचंड के लिए किसी अंतरराष्ट्रीय अभ्यास में भाग लेने का पहला अवसर है। 12 नवंबर 2022 को समाप्त होने वाले इस अभ्यास में चार एफएएसएफ राफेल लड़ाकू विमान और एक ए-330 मल्टी रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (एमआरटीटी) विमान शामिल हैं। एलसीए और एलसीएच प्रचंड के अलावा भारतीय वायुसेना के दल में सुखोई-30 एमकेआई, राफेल और जगुआर लड़ाकू विमान एवं साथ ही एमआई-17 हेलीकॉप्टर शामिल हैं। भारतीय वायुसेना की टीम में फ्लाइट रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट, एवाक्स, एईडब्ल्यू एंड सी और गरुड़ स्पेशल फोर्सेज जैसी कॉम्बैट एनेबलिंग एसेट्स भी शामिल हैं।
