भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया, चालू वित्‍तवर्ष के लिए सकल घरेलू उत्‍पाद 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान

भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया, चालू वित्‍तवर्ष के लिए सकल घरेलू उत्‍पाद 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान

Reserve Bank of India has kept the repo rate unchanged, with GDP growth estimated at 6.9 percent for the current financial year

भारतीय रिजर्व बैंक ने नीतिगत ब्याज दर रेपो रेट को पांच दशमलव दो-पांच प्रतिशत पर यथावत रखा है। मौजूदा वित्त वर्ष के लिए पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए आरबीआई के गर्वनर संजय मल्होत्रा ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति ने तटस्थ रुख अपनाते हुए सर्वस‍म्‍मति से रेपो रेट में कोई बदलाव न करने का निर्णय लिया है। स्टेंडिंग डिपोजिट फैसिलिटी रेट पांच प्रतिशत और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी रेट तथा बैंक रेट को 5 दशमलव 5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। गवर्नर की अध्यक्षता में समिति की बैठक सोमवार को शुरू हुई थी।

संजय मल्‍होत्रा ने बताया कि मौद्रिक नीति समिति ने पिछले वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद-जीडीपी सात दशलमव छह प्रतिशत और चालू वित्त वर्ष के लिए 6 दशमलव 9 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया है।

पिछले वर्ष के लिए वास्‍तविक सकल घरेलू उत्‍पाद की व‍ृद्धि दर का अनुमान सात दशमलव छह प्रतिशत है। मजबूत खपत और निवेश समर्थित आर्थिक गतिविधि के चलते मजबूत गति, संरचनात्‍मक सुधार और अनुकूल वित्‍तीय स्थिति को ध्‍यान में रखते हुए, इस वर्ष के लिए वास्‍तविक सकल घरेलू उत्‍पाद की वृद्धि का अनुमान छह दशमलव नौ प्रतिशत है।

संजय मल्होत्रा ने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति 4 दशमलव 6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्‍होंने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ऊर्जा की लगातार बढ़ती कीमतें और संभावित अल नीनो की स्थिति से महंगाई बढ़ने की आशंका है।

पश्चिम एशिया संघर्ष पर बदलती परिस्थितियों को देखते हुए आरबीआई ने स्थिति पर नज़र रखने और उसके अनुसार कार्रवाई करने की नीति अपनाई है। गवर्नर ने कहा है कि ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय माल ढुलाई तथा बीमा लागतों से जुड़ी उच्च इनपुट लागतों के साथ–साथ आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान से कच्चे माल को इस्तेमाल करके तैयार उत्पाद बनाने वाले क्षेत्रों के लिए प्रमुख कच्चे माल की उपलब्धता सीमित हो सकती है। इससे वृद्धि बाधित हो सकती है। संजय मल्होत्रा ने कहा कि विनिमय दर नीति अपरिवर्तित रहेगी। मुम्‍बई से जीवन भवसार की रिपोर्ट के साथ समाचार कक्ष से प्रियंका अरोड़ा।

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