इस वर्ष का नोबेल शांति पुरस्कार बेलारूस के मानवाधिकार अधिवक्ता एलेस बियालियात्स्की, रूसी मानवाधिकार संगठन और यूक्रेन के मानवाधिकार संगठन सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज को देने की घोषणा की गयी है। नार्वे की नोबेल समिति के अध्यक्ष बेरिट रीस एंडरसन ने ओस्लो में इन नामों की घोषणा की।
रूस के करेलिया में 25 सितंबर, 1962 को जन्मे एलेस बियालियात्स्की सबसे पहले 1980 के दशक में बेलारूस के लोकतांत्रिक आंदोलन के अग्रणी नेता बने। उन्होंने अपना जीवन लोकतंत्र और शांतिपूर्ण विकास को प्रोत्साहित करने के प्रति समर्पित किया है। उन्होंने 1996 में एक संगठन बनाया जो व्यापक रूप से मानवाधिकार संगठन बना। इस संगठन ने राजनीतिक कैदियों के खिलाफ यातनाओं का कड़ा विरोध किया।एलेस बियालियात्स्की को कई जगहों पर व्यापक विरोध का सामना करना पड़ा। वर्तमान में एलेस बिना मुकदमा चलाये 2020 के बाद से हिरासत में है। व्यक्तिगत कठिनाईयों के बावजूद, श्री एलेस बियालियात्स्की बेलारूस में मानवाधिकारों और लोकतंत्र के लिए अपनी लड़ाई में अब भी डटे हुए हैं।