प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एस एन गोयनका के शताब्दी जयंती कार्यक्रमों के समापन समारोह को आज संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश में कहा कि एस एन गोयनका ने विपस्सना के ज्ञान से प्रत्येक व्यक्ति को अवगत कराया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विपस्सना आत्म अवलोकन के माध्यम से आत्म परिवर्तन का मार्ग है। उन्होंने कहा कि आज के चुनौतीपूर्ण समय में विपस्सना बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जीवन शैली, उत्तरदायित्व संतुलन और अन्य समस्याओं के कारण युवा तनाव से पीड़ित हो गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आचार्य गोयनका के प्रयासों से 80 से अधिक देशों ने ध्यान का महत्व समझा और इसे अपनाया। अपने अभियानों के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में शांति, प्रसन्नता और सद्भाव लाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने आचार्य गोयनका के प्रयासों की सराहना की।