प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारत के विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर विभाजन का दंश झेलने वाले लोगों की पीड़ा को याद किया।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन भारतवासियों को श्रद्धा पूर्वक स्मरण करने का अवसर है, जिनका जीवन देश के बंटवारे की बलि चढ़ गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिन उन लोगों के कष्ट और संघर्ष की भी याद दिलाता है, जिन्हें विस्थापन का दंश झेलने को मजबूर होना पड़ा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में 1947 में देश के विभाजन को याद करते हुए कहा कि 1947 में धर्म के आधार पर देश का विभाजन इतिहास में एक काला अध्याय है। इससे उत्पन्न हुई नफरत ने लाखों लोगों की जान ली और करोड़ों लोगों को विस्थापित किया। देश को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी और कई लोग आज भी इस विभीषिका का दंश झेल रहे हैं। अमित शाह ने ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर उन सभी लोगों को नमन किया, जिन्होंने विभाजन के कारण अपनी और अपने परिजनों की जान गंवाई।