केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश में कोविड-19 के दैनिक सक्रिय मामलों में लगातार गिरावट आ रही है तथा संक्रमण से उबरने में और सुधार देखने को मिल रहा है। आज नई दिल्ली में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए, स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि देश में 7 मई को लगभग चार लाख 14 हजार मामलों के साथ चरम पर पहुंचने के बाद से दैनिक मामलों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। लव अग्रवाल ने कहा कि पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 38 हजार 949 मामले ही सामने आए।
लव अग्रवाल ने यह भी बताया कि 4 मई तक देश में 531 जिले ऐसे थे जहां रोजाना सौ से अधिक मामले सामने आ रहे थे, अब यह संख्या घटकर 73 जिलों पर आ गई है। उन्होंने यह भी कहा कि 10 मई तक देश में 37 लाख सक्रिय मामले थे और उसके बाद ऐसे मामलों में लगातार गिरावट देखी गई और अब यह 4 लाख 30 हजार के स्तर पर आ गई है। संक्रमण से स्वस्थ होने की दर के बारे में उन्होंने कहा कि देश में स्वस्थ होने दर में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि 12 मई को कोरोना से उबरने की कुल दर 83 प्रतिशत थी और अब यह 97 दशमलव 3 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई है।
कोरोना के नमूनों की जांच पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है जबकि मामलों में तेजी से गिरावट देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोविड-19 के औसतन 18 लाख परीक्षण दैनिक आधार पर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मणिपुर में 9 और केरल में 8 जिलों सहित 47 जिले ऐसे हैं जहां 10 प्रतिशत से अधिक कोरोना संक्रमण मामले सामने आ रहे हैं। लव अग्रवाल ने कहा कि इन जिलों में कोरोना जांच में तेजी लाने तथा संक्रमण रोकथाम के लिए कड़े उपायों की आवश्यकता है।
नीति आयोग के सदस्य स्वास्थ्य डॉक्टर वी के पॉल ने कहा कि बडे जोखिम वाले पुलिस कर्मियों पर टीके की प्रभावशीलता के बारे में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के एक अध्ययन के अनुसार वैक्सीन की दो खुराक कोविड -19 के डेल्टा स्वरूप के कारण आई दूसरी लहर के दौरान 95 प्रतिशत मौतों को रोकने में सफल रही। पत्रकारों से बातचीत में डॉ पॉल ने कहा कि तमिलनाडु में एक लाख 17 हजार 524 पुलिस कर्मियों पर अध्ययन किया गया। उन्होंने बताया कि उनमें से 17 हजार 59 पुलिस कर्मियों ने टीका नहीं लगवाया था। इनमें से 20 लोगों की मौत कोविड-19 के कारण हुई थी, जबकि टीके की एक खुराक लेने वाले 32 हजार 792 कर्मियों में से केवल 7 लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि टीके की दोनों खुराक लेने वाले 67 हजार 673 पुलिस कर्मियों में केवल चार लोगों की मौत हुई। डॉ पॉल ने कहा कि इससे पता चलता है कि टीके प्रभावी हैं और बहुत सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं तथा मधुमेह और कैंसर से पीड़ित मरीजों को टीका लगवाना चाहिए।