नवरात्रि के आठवें दिन महाअष्टमी आज श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जा रही है। लोग घरों में कन्या पूजन करके उपवास खोल रहे हैं। पंजाब में इस अवसर पर सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई है।
शारदीय नवरात्र के आज आठवें दिन महा-अष्टमी का पर्व श्रृद्धा भाव से मनाया जा रहा है। नवरात्र पर अनेक लोग उपवास रखते हैं और महा-अष्टमी पर अपने-अपने घरों में नन्ही कन्याओं का विधि-विधान से पूजन कर यह उपवास खोलते हैं। ऐसे में महा-दुर्गा का रूप मानी जाने वाली इन नन्ही कन्याओं यानि कंजकों की पूजा की जा रही है। प्रसाद के रूप में इन्हें हलवा, पूरी और चने के अलावा अनेक किस्म के उपहार भी दिये जा रहे हैं। जिसे पाकर यह कंजकें बेहद प्रसन्न हैं। पंजाब के विभिन्न शहरों के मन्दिरों में इस अवसर पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है।
उधर जम्मू संभाग के रियासी जिले के कटरा शहर में शारदीय नवरात्र की धूमधाम है। जम्मू में नवरात्र के पहले दिन माता वैष्णोदेवी पर आधारित कर्नाटक के विश्वप्रसिद्ध यक्षगान शैली का प्रदर्शन किया गया। यक्षगान दक्षिण भारत की एक नृत्य-नाटिका है और कर्नाटक में विशेष रूप से लोकप्रिय है। रंग-बिरंगे परिधान, श्रृंगार और मुखौटों के साथ यह कला देखते ही बनती है।
आज अष्टमी का पर्व है। इस दिन भक्त, मां महा-गौरी की पूजा करते हैं और कंजक या कन्या पूजन से विभिन्न अनुष्ठान करते हैं। दुर्गा अष्टमी के अवसर पर विभिन्न मदिरों में हवन और यज्ञ भी किये जाते हैं। माता दुर्गा के विभिन्न मन्दिरों में हजारों श्रृद्धालु माथा टेक रहे हैं। नवरात्रि उत्सव के पहले सात दिनों के दौरान दो लाख 47 हजार से अधिक लोगों ने जम्मू संभाग के ज्ञासी जिला में त्रिकुटा पहाडियों के ऊपर स्थित माता वैष्णों देवी जी के मन्दिर के दर्शन किये। श्री माता वैष्णों देवी श्राईन बोर्ड ने नौदिवसीय नवरात्रि उत्सव के दौरान दग्धल और अखिल भारतीय भक्ति गीत प्रतियोगिता सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड ने दुर्गा पूजा के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी है। राष्ट्रपति ने कहा है कि यह त्योहार बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है।
उप राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा है कि यह त्योहार मां दुर्गा के अदम्य साहस और बुराई पर अच्छाई की शाश्वत जीत की याद दिलाता है।