केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कहा कि इस साल हम 9वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान योग का जश्न मनाने का प्रस्ताव रखा था। भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में अपने संयुक्त राष्ट्र के संबोधन में 21 जून की तारीख का सुझाव दिया था, क्योंकि यह उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन है और दुनिया के कई हिस्सों में एक विशेष महत्व रखता है।
आज विश्व में 30 करोड़ लोग योग की प्रैक्टिस कर रहे हैं और 2015 से 2023 के बीच यह योग प्रैक्टिस करने वालों की संख्या 50 फीसदी बढ़ी है। प्रधानमंत्री जी के योग दिवस के शुरूआत के बाद महिलाओं में योग को लेकर नया रूझान देखने को मिला है। अमेरिका जैसे देशों में आज करीबन 35 मिलियन लोग योगा प्रैक्टिस कर रहे हैं। आज ग्लोबल योगा इंडस्ट्री करीबन 100 बिलियन डॉलर क्रॉस कर चुका है और आने वाले समय में 12 से 15 फीसदी दर से बढेगा। हमारे देश का योगा मार्केट करीबन 7 बिलियन डॉलर क्रॉस कर चुका है। ASSOCHAM इंडस्ट्री बॉडी ने यह कहा है कि देश में अगले 4-5 सालों में करीबन 5 लाख योगा टीचर की जरूरत पड़ सकती है।
2014 में भारत सरकार द्वारा आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (आयुष) मंत्रालय की स्थापना की गई, जिसके प्रयासों से वैश्विक योग बाजार को बहुत जरूरी बढावा मिला। भारत में विभिन्न शैक्षिक संस्थानों और कौशल विकास केंद्रों में “योग प्रशिक्षक और योग कल्याण प्रशिक्षक” पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। “योग प्रशिक्षक और योग कल्याण प्रशिक्षक” पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयू-जीकेवाई) के तहत भी किया जा रहा है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के द्वारा चलाए जा रहे डीडीयू-जीकेवाई और ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के केंद्रों पर सभी छात्रों को ये सिखाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के दिन 1 हजार से ज़्यादा केंद्रों पर इसके कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।
योग के नियमित अभ्यास से तनाव से राहत मिलती है। योग में दिमाग को तरोताजा करने की क्षमता है और यह मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है। यह स्वस्थ जीवन जीने का एक कारण भी हो सकता है। योग बुरी आदतों को अच्छी आदतों और नियमित आहार में बदलने में मदद करता है, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है। इसके अलावा, योग अभ्यास के नियमित दिनों के साथ, शरीर की ताकत में सुधार होता है और पाचन संबंधी समस्याएं और खराब रक्त परिसंचरण जैसे मुद्दे स्वतः ही हल हो जाते हैं। योग श्वास क्रिया, नींद चक्र, मस्तिष्क की कार्य प्रणाली और प्रतिरक्षा में सुधार करता है और एक संपूर्ण शरीर मुद्रा देता है।