विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कहा है कि क्वाड चार बड़े जीवंत लोकतंत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण और स्थायी मंच बन गया है। ये चारों लोकतंत्र मुक्त और समावेशी हिंद प्रशांत क्षेत्र के पक्षधर हैं। नई दिल्ली में क्वाड थिंक टैंक फोरम के कार्यक्रम में डॉ. जयशंकर ने कहा कि क्वाड वैश्विक आवश्यकताओं से फिर से उभरा है। कुछ जटिलताओं के कारण कुछ समय के लिए इसमें प्रगति नहीं हो सकी, लेकिन नई सरकारों और विभिन्न परिस्थितियों ने इसे नया रूप दिया है। विदेश मंत्री ने कहा कि क्वाड के चार देश- भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमरीका का समूचे विश्व के लिए एक साथ आना बहुत अच्छा है।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि क्वाड ने तेजी से इसलिए प्रगति की है कि सभी चारों सरकारों ने प्रभावी ढंग से काम किया है। उन्होंने कहा कि क्वाड ने शुरुआत में समुद्री सुरक्षा, बुनियादी ढांचा, संपर्क, संचार, अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबला, फैलोशिप, जलवायु परिवर्तन से निपटने जैसे क्षेत्रों की चुनौतियों और आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित किया। क्वाड की हाल की गतिविधियों का उल्लेख करते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि ये समूह दूरसंचार साइबर सुरक्षा, सेमी कंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखला बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। विदेश मंत्री ने कहा कि क्वाड ने विश्व के कल्याण के उद्देश्य से कुछ बड़े पैमाने पर सहयोग किए हैं। इनमें समुद्री क्षेत्र में सहयोग के लिए हिंद प्रशांत जागरुकता कार्यक्रम शामिल है। इसके अंतर्गत अवैध समुद्री गतिविधियों से निपटने के लिए सहयोग शामिल है।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि ये समूह हिंद प्रशांत आर्थिक फ्रेमवर्क के माध्यम से आपूर्ति श्रृंखला, स्वच्छ अर्थव्यवस्था, टिकाऊपन, डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में धीरे-धीरे सहयोग कर प्रगति कर रहा है।