संसद ने कृषि कानून निरसन विधेयक 2021 पारित कर दिया है। कल शीतकालीन सत्र के पहले दिन लोक सभा और राज्य सभा ने इसे मंजूरी दे दी। कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने विपक्ष के शोर शरबे के बीच तीनों कृषि कानून वापस लेने का विधेयक लोकसभा में पेश किया। लोकसभा में इसे बिना बहस के पारित कर दिया गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला ने कहा कि शोर शराबे के बीच विधेयक पर चर्चा संभव नहीं है।
निरस्त किये जाने वाले इन तीनों कानूनों में मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा समझौते संबंधी कृषक सशक्तिकरण और संरक्षण अधिनियम 2020; कृषि उत्पाद, व्यापार और वाणिज्य संवर्धन और सुविधा अधिनियम 2020; आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम 2020 शामिल हैं। इसके बाद कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने यह विधेयक उपरी सदन राज्यसभा में पेश किया। शोर गुल के बीच इसे पारित किया गया।
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि विपक्षी दलों ने इस विधेयक का स्वागत किया है लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव को देखते हुए विधेयक पेश किया है।
कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार ने तीनों कृषि कानून किसानों के हित में लागू किये थे लेकिन विपक्ष इसे लेकर दोहरा मानदंड अपना रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुले दिल से कानून वापस लेने की घोषणा की है।
कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य- एमएसपी पर फसल खरीद वर्ष 2014 की तुलना में दोगुनी हो गयी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एमएसपी पर दलहन, तिलहन और कपास की खरीद शुरू की गयी।
इस बीच, राज्य सभा में विपक्ष के बारह सदस्य पिछले सत्र के दौरान अभद्र और असंयमित आचरण के कारण शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिये गये। इनमें कांग्रेस के छह, तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना के दो-दो तथा भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के एक-एक सदस्य हैं।
इससे पहले लोकसभा में हिमाचल प्रदेश के मंडी और मध्य प्रदेश के खंडवा निर्वाचन क्षेत्र के नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलायी गयी तथा हाल में दिवंगत हुए आठ सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गयी।