ग्रामीण राजस्थान के वित्तीय परिदृश्य को बदलने के लिए तैयार एक असाधारण गठबंधन में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (एचजेडएल – वेदांता समूह की सहायक कंपनी) ने समावेशी वित्तीय सॉल्यूशनों का पथ प्रदर्शन करने के लिए समझौता किया है। यह सहयोग हिंदुस्तान जिंक के परिचालन क्षेत्रों के आसपास सामुदायिक लाभार्थियों के जीवन पर स्थायी प्रभाव बनाने में सुनिश्चित करेगा। आईपीपीबी और एचजेडएल के बीच समझौता ज्ञापन पर आईपीपीबी के मुख्य बिक्री एवं विपणन अधिकारी गुरशरण राय बंसल और हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने हस्ताक्षर किए।
आईपीपीबी के मुख्य बिक्री एवं विपणन अधिकारी गुरशरण राय बंसल ने कहा कि अपने लाभार्थियों को वित्तीय समावेशन सेवाएं प्रदान करने के लिए हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के साथ सहयोग से आईपीपीबी को भारत में प्रमुख कॉर्पोरेट्स द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) गतिविधियों से लाभान्वित आबादी की सेवा के क्षेत्र में प्रवेश करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि एचजेडएल के साथ यह गठबंधन हमारे लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, ताकि इस देश में वंचित और कम सेवित लोगों को डोरस्टेप बैंकिंग सेवा डिलिवरी के दायरे को बढ़ाया जा सके।
एचआईजेडएल के सीईओ अरुण मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के साथ यह परिवर्तनकारी गठबंधन समुदायों को सशक्त बनाने के हमारे समर्पण को दिखाता है। आईपीपीबी के साथ अपनी शक्ति को मिलाकर हम वित्तीय समावेशन को फिर से परिभाषित करना चाहते हैं और अग्रिम वित्तीय सेवाओं तक पहुंच के साथ अपने समुदाय के लाभार्थियों को सशक्त बनाना चाहते हैं। यह सहयोग जीवन पर सार्थक प्रभाव डालने, आर्थिक लचीलापन को बढ़ावा देने तथा उन समुदायों में सकारात्मक बदलाव लाने की हमारी प्रतिबद्धता का उदाहरण है जिनकी हम सेवा करते हैं।
आईपीपीबी द्वारा प्रदान की जाने वाली प्रमुख सेवाएं वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करेंगी और बैंक खाते खोलने, पेंशन उत्पादों तक पहुंच, दीर्घकालिक बचत और निवेश योजनाओं के लिए सहायता सुनिश्चित करेंगी। यह विभिन्न आईपीपीबी सेवाओं के लिए व्यक्तिगत बिजनेस अभिकर्ता बनने के लिए एसएचजी महिलाओं, किसानों और युवाओं को कवर करने वाले 3.5 लाख + लाभार्थियों को सहायता देने तथा सशक्त बनाने में सहायता करेगा। इसके अतिरिक्त यह आईपीपीबी बैंकिंग चैनलों के माध्यम से सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं को भी प्रोत्साहित करेगा और आईपीपीबी के उधार भागीदारों के माध्यम से आय सृजन करने वाले ऋण प्राप्त करने में लाभार्थियों की सहायता करेगा।
इस सहयोग के साथ डाक विभाग की पब्लिक लिमिटेड कंपनी आईपीपीबी अपनी श्रेणी की सर्वश्रेष्ठ डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के साथ अंतिम मील तक पहुंचने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। यह साझेदारी हिंदुस्तान जिंक की अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है, जो उन क्षेत्रों के सतत विकास में योगदान देती है, जिनमें यह चलाई जाती है और सकारात्मक परिवर्तन लाने में एक नेता के रूप में अपनी प्रतिष्ठा को सुदृढ बनाता है।
समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर कार्यक्रम इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और हिंदुस्तान जिंक दोनों के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में हुआ जिसमें विश्वनाथ दिव्या (एजीएम मार्केटिंग) और अनुपम निधि – सीएसआर प्रमुख (एचजेडएल) शामिल थे।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के बारे में
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) की स्थापना भारत सरकार के स्वामित्व वाली 100 प्रतिशत इक्विटी के साथ डाक विभाग, संचार मंत्रालय के अंतर्गत की गई है। आईपीपीबी को 1 सितंबर, 2018 को लॉन्च किया गया था। बैंक की स्थापना भारत में आम आदमी के लिए सबसे सुलभ, सस्ती और विश्वसनीय बैंक बनाने की दृष्टि से की गई है। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का मौलिक अधिदेश बैंक रहित और कम बैंकिंग सुविधा वाले लोगों के लिए बाधाओं को दूर करना और 1,65,000 डाकघरों (ग्रामीण क्षेत्रों में140,000) और 3,00,000 डाक कर्मचारियों वाले डाक नेटवर्क का लाभ उठाते हुए अंतिम मील तक पहुंचना है।
आईपीपीबी की पहुंच और इसका परिचालन मॉडल इंडिया स्टैक के प्रमुख स्तंभों पर बनाया गया है – सीबीएस-एकीकृत स्मार्टफोन और बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से ग्राहकों के दरवाजे पर सरल और सुरक्षित तरीके से पेपरलेस, कैशलेस और उपस्थिति-रहित बैंकिंग को सक्षम बनाना। अल्पव्ययी नवाचार का लाभ उठाते हुए और जनता के लिए बैंकिंग की आसानी पर फोकस के साथ आईपीपीबी भारत के 5.57 लाख गांवों और शहरों में 8 करोड़ से अधिक ग्राहकों को 13 भाषाओं में उपलब्ध सहज ज्ञान युक्त इंटरफेस के माध्यम से सरल और किफायती बैंकिंग सॉल्यूशन प्रदान करता है।
यह कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और डिजिटल इंडिया के विजन में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत तब समृद्ध होगा जब प्रत्येक नागरिक को आर्थिक रूप से सुरक्षित और सशक्त बनने का समान अवसर मिलेगा। हमारा आदर्श वाक्य सच है – हर ग्राहक महत्वपूर्ण है, हर लेनदेन महत्वपूर्ण है और हर जमा मूल्यवान है।