आज नौसेना दिवस है। यह दिन 1971 में पाकिस्तान के साथ युद्ध में भारतीय नौसेना के अदम्य साहस को याद करने के लिए मनाया जाता है। इस युद्ध में भारतीय युद्धपोतों ने कराची बंदरगाह पर हमला कर पश्चिमी तट पर पाकिस्तानी कार्रवाई को विफल कर दिया था। इस ऑपरेशन ट्राइडेंट में भारतीय नौसेना ने पी.एन.एस. खैबर सहित चार पाकिस्तानी पोत डूबो दिये थे।
नौसेना अध्यक्ष एडमिरल आर. हरि कुमार ने कहा है कि नौसेना का लक्ष्य मेड इन इंडिया सुरक्षा उपायों को शामिल कर रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढाना है। नौसेना दिवस की पूर्व संध्या पर श्री कुमार ने आकाशवाणी समाचार से विशेष बातचीत में कहा कि नौसेना के पास पूंजीगत परियोजनाओं के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध हैं।
आज जब हम आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोत्सव मना रहे हैं, नौसेना भी राष्ट्र की सेवा में एक कॉम्बेट रेडी क्रेडिबल, कोहेसिव और फ्यूचर प्रुफ फोर्स के रूप में अमृतकाल तक एक आत्मनिर्भर फोर्स बनने के लिए पूरी तरह से कमीटेड है। हम भारत की सुरक्षा इन्श्योर करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। भारत की समुद्री सीमा और हितों की रक्षा के प्रति समर्पित रहेंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज शाम आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में नौसेना दिवस पर आयोजित नौसेना का संचालन प्रदर्शन देखेंगी।