संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त वोकर तुर्क ने भारत में महिला आरक्षण विधेयक पारित होने का स्वागत किया है। इस विधेयक में देश की संसद और राज्य विधान सभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। इस ऐतिहासिक विधेयक से संसद में महिलाओं को संवैधानिक रूप से प्रतिनिधित्व मिलेगा और यह भारत में महिला-पुरूष समानता तथा महिलाओं की भागीदारी के अधिकार की सुरक्षा करने में प्रर्वतनकारी निर्णय है। यह विधेयक संसद के दोनों सदनों में परित हो गया है। संयुक्त राष्ट्र मानवधिकार आयोग ने सरकार से अनुरोध किया है कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए निर्धारित मौजूदा आरक्षण के साथ-साथ महिला आरक्षण विधेयक को जल्द से जल्द से लागू किया जाए। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त की प्रवक्ता रवीना शमदासानी के अनुसार उनके संगठन ने दुनियाभर के सांसदों से अनुरोध किया है कि देश की राजनीतिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विधायी कदम उठाएं।
Related posts
IPO और शेयर बाजार में अक्सर सुनाई देने वाला ग्रे मार्केट आखिर क्या होता है, और निवेशकों के लिए इसका महत्व क्यों माना जाता है?
ग्रे मार्केट क्या है और यह कैसे काम करता है? वित्तीय और कारोबारी दुनिया में ग्रे...
भोजपुरी अभिनेता और सांसद रवि किशन अपनी राजनीतिक सक्रियता और मनोरंजन जगत में बढ़ती मौजूदगी के चलते लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं।
रवि किशन को लेकर फिर बढ़ी चर्चा, फैंस की नजर हर अपडेट पर भोजपुरी सिनेमा और...
पटना में खान सर और संजय कुमार झा की मुलाकात के बाद चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इस बैठक को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
पटना में खान सर और संजय कुमार झा को लेकर चर्चाओं का दौर तेज बिहार की...