जोहान्सबर्ग में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को कुछ अख़बारों ने महत्व दिया है। जनसत्ता की सुर्खी है- आज रवाना होंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भारत और चीन संबंधों पर निगाह। नवभारत टाइम्स की टिप्पणी है- साझा करेंसी पर शायद ही बने बात, शिखर सम्मेलन से पहले विदेश मंत्रालय ने कहा अब तक नेशनल करेंसी पर ही केन्द्रित रही है चर्चा।
मध्य प्रदेश में रोज़गार मेले में प्रधानमंत्री के सम्बोधन पर राष्ट्रीय सहारा लिखता है- पहले घोटालों का युग, अब एक-एक पैसा खाते में। लगातार घटा गरीबी का आंकड़ा। प्रधानमंत्री बोले बीते नौ वर्ष में तीन गुना बढ़कर तेरह लाख रूपये हुई लोगों की औसत आय। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से कहा- नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन में निभाएं महत्वपूर्ण भूमिका। पाठ्यक्रम में क्षेत्रीय भाषाओं की किताबों पर जोर।
चन्द्रयान-3 के सफर पर दैनिक भास्कर के शब्द हैं- चन्द्रदर्शन मुहूर्त कल, चांद की सतह पर कल शाम छह बजकर चार मिनट पर उतरने की तैयारी। अमर उजाला का कहना है- लैंडर विक्रम ने भेजी चन्द्रमा की सतह की तस्वीरें, बताया कहां उतरेगा। दैनिक जागरण की ख़बर है- भारत का विदेशी व्यापार छह महीने में ही आठ सौ अरब डॉलर के पार, भारत के सेवा क्षेत्र में वृद्धि ने वैश्विक मांग में मंदी के बावजूद आठ सौ अरब डॉलर के स्तर को किया पार।
हिन्दुस्तान ने राष्ट्रीय पेंशन योजना का विश्लेषण करते हुए सुर्खी दी है- एन.पी.एस. में तीस साल से ज्यादा निवेश पर तगड़ी पेंशन। पत्र लिखता है नई पेंशन का विरोध ज्यादातर उन लोगों की ओर से है, जो बीस साल पूरे किए बिना ही योजना से बाहर निकल चुके हैं।