विद्युत मंत्रालय के तहत एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) ने लद्दाख केन्द्र-शासित प्रदेश को एक स्वच्छ और हरा–भरा केन्द्र-शासित प्रदेश बनाने के लिए इस केन्द्र-शासित प्रदेश (यूटी) के प्रशासन के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है। इस समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों को लागू किया जायेगा।
जांस्कर घाटी क्षेत्र में एक पायलट परियोजना के साथ शुरूआत करते हुए, सीईएसएल इस केन्द्र – शासित प्रदेश में सौर मिनी और माइक्रो ग्रिड से जुड़े समाधान, ऊर्जा के मामले में दक्ष प्रकाश व्यवस्था, ऊर्जा भंडारण-आधारित समाधान, ऊर्जा के मामले में दक्षखाना पकाने के स्टोव और विद्युत आधारित गतिशीलता संबंधी समाधानों का काम हाथ में लेगा।
लद्दाख केन्द्र–शासित प्रदेश के उपराज्यपाल आर. के. माथुर ने कहा कि लद्दाख के लिए ऊर्जा तक पहुंच सबसे महत्वपूर्ण है। लद्दाख के दुर्गम इलाकों में लागू किए जा सकने वाले ऊर्जा के मामले में दक्ष विकेन्द्रीकृत समाधानों जैसे स्थायी उपायों की जरूरत है।
कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी महुआ आचार्य ने कहा कि लद्दाख हमारे देश के लिए प्रकृति का एक उपहार है और इसके इकोलॉजिकल पर्यावरण को संरक्षित करना बेहद महत्वपूर्ण है। इस केन्द्र- शासित प्रदेश में कार्बन प्रेरित ईंधन के उपयोग से इस क्षेत्र में भारी क्षरणहो रहा है। सीईएसएल और लद्दाख प्रशासन इस समझौता ज्ञापन के जरिए नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता और विद्युत आधारित गतिशीलता (इलेक्ट्रिक मोबिलिटी) से जुड़ी परियोजनाओं को लागू करने का इरादा रखते हैं, जोकि लद्दाख के पर्यावरण को बचाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सीईएसएल लद्दाख के बहुत ठंडे तापमान के लिए उपयुक्त घरेलू उपकरणों, इलेक्ट्रिक हीटिंग, खाना पकाने, पंप सेट के लिए स्वच्छ उपायों का प्रबंध करेगा। सीईएसएल कार्बन के मामले में निरपेक्ष (कार्बन न्यूट्रल) रहने के लद्दाख के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में जीवाश्म ईंधन के उपयोग को खत्म करने में सक्षम होगा और इस क्षेत्र के दूर-दराज के गांवों को स्वच्छ ऊर्जा तक पहुंच प्रदान करेगा। इससे ईंधन और उसके परिवहन पर सरकारी खजाने से होने वाले बड़े खर्च में भी बचत होगी।
लद्दाख के सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल ने कहा कि प्रकाश व्यवस्था, परिवहन और खाना पकाने के मामले में स्वच्छ उपाय हमारे कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और इस केन्द्र – शासित प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों को पेश करने के दोहरे उद्देश्यों की पूर्ति करते हैं। इसके अलावा, नवीकरणीय ऊर्जा हमारी बचत में वृद्धि की सुविधा प्रदान करती है और कार्बन के उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाती है। सीईएसएल के साथ साझेदारी लद्दाख केन्द्र- शासित प्रदेश की जरूरतों के हिसाब से एक स्वागत योग्य और बहुत जरूरी प्रगति है।
सीईएसएल ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान केंद्रित करते हुए इसकेन्द्र- शासित प्रदेश के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का एक इकोसिस्टम का निर्माण करेगा जिसमें बिजली के नवीकरणीय स्रोतों और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी),जिनका अधिक ऊंचाई वाले इलाकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर परीक्षण किया जा रहा है, का उपयोग किया जाएगा। सीईएसएल की सभी परियोजनाओं की तरह, यह कार्यक्रम भी कार्बन क्रेडिट का उपयोग करते हुए व्यवसाय के नवीन मॉडल पर आधारित होगा।
लद्दाख केन्द्र – शासित प्रदेश का प्रशासन पायलट परियोजना सहित विभिन्न परियोजनाओं में निवेश के जरिए सीईएसएल का सहयोग करेगाऔर कन्वर्जेंस के विभिन्न स्वच्छ ऊर्जा और स्थिरता संबंधी कार्यक्रमों के व्यवसाय के विकास में भी सहायता करेगा। ज़ांस्कर में इस कार्यक्रम की व्यवहार्यता और उससे जुड़े नतीजों के आधार पर, अन्य क्षेत्रों को सीईएसएल को सौंपा जाएगा। लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद, कारगिल/लेह, स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए संबंधित परिषद के इलाकों में अपेक्षित भूमि उपलब्ध कराएगी।
सीईएसएल के बारे में:
ईईएसएल की शत – प्रतिशत स्वामित्व वाली सहायक कंपनी – कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (कन्वर्जेंस), एक नई ऊर्जा कंपनी है जो स्वच्छ, सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा प्रदान करने पर केन्द्रित है। कन्वर्जेंसउन ऊर्जा समाधानों पर ध्यान केन्द्रित करता है जो नवीकरणीय ऊर्जा, विद्युत आधारित गतिशीलता और जलवायु परिवर्तन के मेल पर टिका है।